न्यूयॉर्क गवर्नर होसुल ने नियम बनाने को दी मंजूरी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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न्यूयॉर्क में 'Medical Assisted Suicide' को मिली हरी झंडी, गवर्नर होसुल कानून बनाने पर हुईं सहमत

New York Medical Aid: न्यूयॉर्क में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए चिकित्सीय आत्महत्या को वैध किया जाएगा। गवर्नर कैथी होसुल जल्द ही इस कानून पर हस्ताक्षर करेंगी जिसमें कड़े सुरक्षा नियम शामिल होंगे।

प्रिया सिंह

New York Euthanasia Laws: अमेरिका का न्यूयॉर्क राज्य अब उन चुनिंदा क्षेत्रों में शामिल होने जा रहा है जहां चिकित्सीय आत्महत्या को कानूनी मान्यता प्राप्त है। गवर्नर कैथी होसुल और राज्य के कानूनविदों के बीच लंबे समय से लंबित इस मानवीय मुद्दे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। यह कानून उन मरीजों के लिए है जो लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे हैं और अपने जीवन के अंतिम क्षण गरिमा के साथ बिताना चाहते हैं। अगले वर्ष इस विधेयक पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के साथ ही न्यूयॉर्क में 'Medical Aid in Dying' एक वास्तविकता बन जाएगा।

क्या है नया कानून और सुरक्षा उपाय

न्यूयॉर्क के प्रस्तावित 'Medical Aid in Dying Act' के तहत किसी भी मरीज को जीवन समाप्त करने वाली दवाओं के लिए लिखित अनुरोध करना होगा। कानून में यह अनिवार्य किया गया है कि मरीज गंभीर रूप से बीमार हो और डॉक्टर के अनुसार उसके पास छह महीने से कम का समय बचा हो। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो गवाहों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरीज पर कोई बाहरी दबाव नहीं है। इसके अलावा, इलाज करने वाले मुख्य डॉक्टर और एक सलाहकार डॉक्टर दोनों की मंजूरी इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक होगी।

मानसिक स्थिति की जांच होगी अनिवार्य

गवर्नर होसुल ने इस बिल में कुछ अतिरिक्त कड़े नियम शामिल करने पर जोर दिया है। अब एक मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक को यह प्रमाणित करना होगा कि रोगी मानसिक रूप से निर्णय लेने में पूरी तरह सक्षम है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि डिप्रेसन या किसी अस्थायी मानसिक स्थिति के कारण कोई गलत फैसला न लिया जा सके। गवर्नर ने इसे अपने कार्यकाल के सबसे कठिन फैसलों में से एक बताया है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह किसी को अंतिम समय में पीड़ा से मुक्ति पाने के अधिकार से वंचित नहीं करना चाहती थीं।

विरोध और लंबी कानूनी लड़ाई

यह विधेयक पहली बार 2016 में पेश किया गया था, लेकिन लगभग नौ वर्षों तक यह विरोध के कारण अटका रहा। न्यूयॉर्क स्टेट कैथोलिक कॉन्फ्रेंस और कई सामाजिक संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया था। विरोधियों का तर्क था कि यह कानून मानवीय जीवन के मूल्य को कम करेगा और डॉक्टरों की सेवा करने वाली छवि को नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि, इलिनोइस जैसे अन्य अमेरिकी राज्यों में इसी तरह के कानूनों को मिलती मंजूरी के बाद न्यूयॉर्क में भी समर्थन बढ़ता गया।

इच्छामृत्यु और चिकित्सीय आत्महत्या में अंतर

आम जनता के बीच अक्सर 'इच्छामृत्यु' और 'चिकित्सीय आत्महत्या' को एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन इनमें बड़ा तकनीकी अंतर है। चिकित्सीय आत्महत्या में डॉक्टर केवल जानलेवा ड्रग का सुझाव देते हैं और उसे लिखते हैं, लेकिन वह दवा मरीज को खुद लेनी होती है।

इसके विपरीत, इच्छामृत्यु में डॉक्टर स्वयं मरीज को घातक दवा या इंजेक्शन देते हैं। न्यूयॉर्क का यह नया कानून केवल मेडिकल सहायता से आत्महत्या की अनुमति देता है, जिससे प्रक्रिया पर मरीज का अंतिम नियंत्रण बना रहता है।

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