नेपाल में 4.7 तीव्रता के भूकंप से दहशत (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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Nepal Earthquake: नेपाल में 4.7 तीव्रता के भूकंप से दहशत, सिक्किम में भी दो बार कांपी धरती

Nepal Recent Seismic Activity: नेपाल के पूर्वी हिस्से और सिक्किम में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए। इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई, जिससे सोते हुए लोग डरकर अपने घरों से बाहर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे।

प्रिया सिंह

Significant Earthquake Tremors In Nepal: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में शुक्रवार की सुबह प्रकृति का कहर देखने को मिला जब धरती के अचानक कांपने से लोग अपनी गहरी नींद से जागकर बाहर भागने लगे। रिक्टर स्केल पर 4.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पूर्वी नेपाल के कई जिलों में दहशत और खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। नेपाल में भूकंप के बड़े झटके की इस घटना के बाद से ही प्रशासन और राहत दल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं ताकि नुकसान का जायजा लिया जा सके। सिक्किम में भी पिछले 24 घंटों के भीतर दो बार भूकंप महसूस किया गया है जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग बेहद डरे हुए और चिंतित हैं।

नेपाल में भूकंप का केंद्र और समय

राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार यह तेज झटका शुक्रवार तड़के 3 बजकर 18 मिनट पर आया जब अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे। भूकंप का मुख्य केंद्र काठमांडू से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व में स्थित संखुवासभा-ताप्लेजंग सीमा क्षेत्र के पास टोपके गोला नामक स्थान पर जमीन के काफी अंदर था। अचानक आए इस कंपन ने लोगों को उनके बिस्तरों से उठा दिया और वे कड़ाके की ठंड के बावजूद अपनी जान बचाने के लिए खुले मैदानों की तरफ भागे।

प्रभावित जिले और लोगों की दहशत

संखुवासभा जिले के अलावा नेपाल के अन्य पूर्वी हिस्सों जैसे भोजपुर, पंचथर, तेहरथुम और ताप्लेजंग में भी लोगों ने बहुत तेज झटके महसूस किए जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपन इतना जोरदार था कि घरों की खिड़कियां और किचन के बर्तन हिलने लगे थे जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। राहत की बात यह है कि अभी तक इस प्राकृतिक आपदा में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई भी आधिकारिक जानकारी सरकार को प्राप्त नहीं हुई है।

सिक्किम में भी लगातार दो झटके

पड़ोसी देश नेपाल के साथ-साथ भारत के सिक्किम राज्य में भी गुरुवार को एक के बाद एक दो बार भूकंप आने से धरती बुरी तरह कांप उठी थी। पहला झटका सुबह 11 बजकर 24 मिनट पर 4.6 तीव्रता का महसूस किया गया जिसका केंद्र ग्यालशिंग जिले के युक्सोम से चार किलोमीटर उत्तर-पूर्व की दिशा में था। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर मांगन जिले में 3.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।

विशेषज्ञों की राय और सुरक्षा अलर्ट

विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में लगातार आ रहे ये झटके टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली आंतरिक हलचल का परिणाम हैं जो भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं। स्थानीय प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने और पुरानी या जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है ताकि सभी सुरक्षित रहें। भारत और नेपाल की सीमा पर तैनात सुरक्षा बल भी स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की तुरंत मदद की जा सके।

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