Nawaz Sharif Desire To Become PoK Prime Minister: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन (PML-N) के प्रमुख नवाज शरीफ ने एक नया सियासी दांव खेलकर सबको चौंका दिया है। नवाज शरीफ ने इच्छा जताई है कि वह अब पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने यह बयान इसी सप्ताह मुजफ्फराबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दिया। शरीफ का कहना है कि वह क्षेत्र के विकास कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करना चाहते हैं।
नवाज शरीफ ने PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद में अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए उनके गृह प्रांत पंजाब जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे अपना 'दूसरा घर' बताते हुए कहा कि उनके पूर्वज भी कश्मीर से ही पलायन कर पाकिस्तान आए थे।
नवाज शरीफ ने रैली में कहा कि अगर मेरी पार्टी जीतती है, तो मैं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुझे कश्मीर (PoK) का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहूंगा ताकि मैं यहां के विकास को अपनी देखरेख में आगे बढ़ा सकूं।
पाक अधिकृत कश्मीर में 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच चुनाव होने निर्धारित हैं। इन चुनावों में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन का सीधा मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही दल पाकिस्तान की संघीय सरकार में गठबंधन साझेदार हैं, लेकिन PoK में एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
नवाज शरीफ की यह इच्छा ऐसे समय में सामने आई है जब पूरा PoK अशांति और भारी विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेतृत्व में स्थानीय लोग बढ़ती महंगाई, बिजली की आसमान छूती दरों और कुलीन विशेषाधिकारों के खिलाफ सड़कों पर हैं।
इस आंदोलन के दौरान अब तक हिंसक झड़पों में 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। आंदोलनकारियों ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए आज फिर से एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है।
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भारत ने हमेशा से PoK में होने वाले किसी भी चुनाव या राजनीतिक गतिविधि का कड़ा विरोध किया है। भारत का आधिकारिक स्टैंड है कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। नई दिल्ली का स्पष्ट कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों पर 'अवैध और जबरन कब्जा' कर रखा है। भारत इन क्षेत्रों में होने वाले चुनावों और वहां की तथाकथित विधानसभाओं को किसी भी तरह की मान्यता नहीं देता है।