नेपाल तेल संकट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

मिडिल ईस्ट युद्ध का भयंकर असर: Nepal में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, डीजल 234 रुपये पार

Fuel Price Surge: नेपाल में मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। Nepal आयल निगम ने एक महीने में पांचवीं बार दाम बढ़ाए हैं। डीजल ₹234.50 और पेट्रोल ₹216.50 प्रति लीटर हुआ।

प्रिया सिंह

Middle East Oil Crisis Impact: मिडिल ईस्ट में चल रहे भारी तनाव का सीधा असर अब पड़ोसी देश नेपाल की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। नेपाल आयल निगम ने ईंधन की कीमतों में पिछले एक महीने के भीतर लगातार पांचवीं बार वृद्धि की है। लगातार बढ़ रहे इन दामों की वजह से नेपाल की आम जनता पर महंगाई का एक बहुत बड़ा बोझ आ पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से नेपाल को राजस्व का बहुत भारी नुकसान हो रहा है।

तेल की नई कीमतें

नेपाल आयल निगम ने 16 अप्रैल की रात से पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू कर दिए हैं। अब नेपाल में एक लीटर डीजल की कीमत ₹234.50 और पेट्रोल ₹216.50 तक पहुंच गई है। इस भारी कीमत वृद्धि ने नेपाल के आम नागरिकों की परेशानियां और चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ा दी हैं।

युद्ध का भयंकर असर

इजरायल, अमेरिका और इराक के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर नेपाल तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल मचने से नेपाल आयल निगम को लगातार भारी नुकसान हो रहा है। लगातार हो रहे घाटे से बचने के लिए निगम को मजबूरी में बार-बार ईंधन की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं।

निगम को अरबों का घाटा

आंकड़ों के मुताबिक निगम को करीब 7 अरब 81 करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व घाटे का अनुमान है। Nepal की नई सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी में 50 प्रतिशत की भारी छूट के बावजूद यह घाटा कम नहीं हो रहा है। निगम को अभी भी डीजल पर प्रति लीटर ₹87.90 और पेट्रोल पर ₹2.32 का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पुराना रिकॉर्ड टूट गया

करीब दस साल पहले तक Nepal में पेट्रोल और डीजल रक्सौल के मुकाबले काफी सस्ता मिलता था। उस समय यह ईंधन ₹20 से ₹28 तक सस्ता था जिससे रक्सौल के पंप बंद होने की कगार पर थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और नेपाल में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।

रक्सौल और नेपाल की तुलना

भारतीय रुपये के हिसाब से रक्सौल में डीजल ₹93.24 है जबकि नेपाल में यह ₹146.56 का पड़ता है। रक्सौल में पेट्रोल ₹106.97 है जबकि नेपाल में भारतीय रुपये के हिसाब से इसकी कीमत ₹135.31 बैठती है। यानी रक्सौल में डीजल ₹53 और पेट्रोल ₹28 सस्ता है जिससे सीमावर्ती बाजारों में काफी तेज हलचल है।

सीमा पार से तेल की खरीद

पहले Nepal में तेल सस्ता होने के कारण रक्सौल के लोग सीमा पार जाकर अपनी गाड़ियां भरवाते थे। अब Nepal में तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने से नेपाल के लोग भारतीय सीमा की ओर रुख कर सकते हैं। इन दोनों देशों की सीमाओं पर तेल की कीमतों में आए इस बड़े अंतर ने नई आर्थिक बहस छेड़ दी है।

जनता पर महंगाई की मार

 पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से Nepal में अन्य सभी जरूरी चीजों की महंगाई बढ़ने का भी डर है। परिवहन लागत में वृद्धि के कारण रोजमर्रा के सामानों की कीमत में भी तेजी से भारी उछाल आ सकता है। फिलहाल Nepal के लोगों को इस बढ़ती महंगाई और गंभीर आर्थिक संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

संकट का समाधान

Nepal सरकार इस तेल संकट और बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रही है। आम जनता को बड़ी राहत देने के लिए करों में और अधिक छूट देने की मांग भी तेजी से उठने लगी है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं हुईं तो Nepal की अर्थव्यवस्था को और नुकसान होगा।

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