President Trump On Middle East Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि वे ईरान के साथ युद्ध के मामले में फैसला लेने की स्थिति में हैं और चेतावनी दी कि "बड़ी चीजें होने वाली हैं"। उनके ये बयान तेहरान द्वारा यह कहे जाने के बाद आए कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए मध्यस्थों के जरिए वाशिंगटन को अपनी शर्तें बता दी हैं। ट्रंप की ये बातें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के न्यूयॉर्क दौरे से ठीक पहले आई हैं, जहां वे यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में शामिल होने वाले हैं।
ईरान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनके साथ एक सीनियर डेलिगेशन के भी आने की संभावना है। एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे "फैसला लेने की स्थिति" में हैं और चेतावनी दी कि अगर ईरानी सरकार ने "सही व्यवहार" नहीं किया, तो बहुत जल्द ही बहुत बड़ा डेवलपमेंट होने वाला है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने युद्ध के लिए तीन संभावित विकल्पों पर चर्चा की:
ईरान को पूरी तरह खत्म करना
आर्थिक रूप से बर्बाद होने देना
कोई समझौता करना।
इस इलाके में चल रहे दूसरे झगड़ों के बारे में ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब पर हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद वॉशिंगटन, यमन के हूथी विद्रोहियों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि यह गुट अमेरिकी लोगों पर हमला न करने पर सहमत हो गया है। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह पेजेशकियन से मिलने के लिए वे शायद तैयार होंगे; पेजेशकियन के UN सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं से मिलने और बातचीत करने की भी उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो दिन बिताएंगे। इस दौरान वे यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मम्दानी जैसी जानी-मानी राजनीतिक हस्तियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें और कार्यक्रमों में शामिल होंगे। न्यूयॉर्क में लगभग 130 देशों के प्रमुख इकट्ठा हो रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्था पर दबाव है।