वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Maria Machado वेनेजुएला वापसी को तैयार: चुनाव से पहले देश के सामने रखी ये बड़ी शर्त

Free Election Demands: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने स्वदेश वापसी का ऐलान कर स्वतंत्र चुनाव और 900 राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है। चीन और रूस ने अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध किया।

प्रिया सिंह

Maria Corina Machado Venezuela Return Conditions: वेनेजुएला की दिग्गज विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हटाए जाने के बाद स्वदेश लौटने का बड़ा ऐलान किया है। मचाडो ने स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली तभी संभव है जब आगामी चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आयोजित किए जाएं।

उन्होंने देश की जेलों में बंद लगभग 900 राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई को चुनाव में भागीदारी के लिए अपनी पहली और अनिवार्य शर्त बताया है। मचाडो के अनुसार, वेनेजुएला की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और उनकी वापसी इस संघर्ष को एक नई दिशा प्रदान करेगी।

90% समर्थन का बड़ा दावा

मचाडो ने हालिया इंटरव्यू में दावा किया कि उनके आंदोलन 'वेंते वेनेजुएला' को देश में 90 प्रतिशत से अधिक आबादी का समर्थन हासिल है। उन्होंने 2024 के विवादित चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी विपक्ष ने भारी बहुमत हासिल किया था, जिसे मादुरो शासन ने धांधली के जरिए दबा दिया था। मारिया मचाडो का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में वोटिंग होती है, तो विपक्षी गठबंधन की जीत ऐतिहासिक होगी।

चीन और रूस का कड़ा विरोध

चीन ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका को "दुनिया का दरोगा" बनने का कोई हक नहीं है। चीनी विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है। वहीं, रूस ने डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति स्वीकारते हुए कहा कि वेनेजुएला के भविष्य का फैसला केवल वहां की जनता को ही करना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र की गंभीर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की इस कार्रवाई ने दुनिया को पहले से कहीं अधिक असुरक्षित बना दिया है। यूएन की प्रवक्ता रवीना शमदासानी के अनुसार, यह हस्तक्षेप 'ताकतवर की मनमानी' का एक खतरनाक उदाहरण पेश करता है जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को कमजोर करता है। उन्होंने जोर दिया कि मानवाधिकारों की आड़ में की गई सैन्य कार्रवाई कभी भी लोकतांत्रिक समाधान का विकल्प नहीं हो सकती।

ट्रंप और बोल्टन के बीच मतभेद

पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला नीति को विरोधाभासी और भ्रामक करार दिया है। बोल्टन का कहना है कि ट्रंप एक तरफ नोबेल विजेता मचाडो की अनदेखी कर रहे हैं और दूसरी तरफ मादुरो की करीबी डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम करने को तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप का यह रुख वेनेजुएला में वास्तविक लोकतांत्रिक बदलाव की संभावना को स्थायी रूप से कमजोर कर सकता है।

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