ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

Whatsapp पर प्रचार किया और जीत गए राष्ट्रपति चुनाव! लूला ने खोला अपनी जीत का राज, बोले- पहला फोन खरीदना सफल

Lula Win Brazil Election: लूला डा सिल्वा ने ब्राजील चुनाव में जीत का श्रेय व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया को दिया। युवा वोटर्स, डिजिटल अभियान और कल्याणकारी योजनाओं ने भी अहम भूमिका निभाई।

अक्षय साहू

Highlights:

  • लूला डा सिल्वा ने दूसरे दौर में 51.8 प्रतिशत वैध वोट हासिल किए

  • लूला ने अपनी चुनावी जीत में व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया की भूमिका बताई

  • युवाओं के प्रदर्शन और डिजिटल अभियान से लूला के प्रचार को मजबूती मिली

WhatsApp Social Media Brazil Election: लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने लगातार दूसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। इस जीत के साथ उनके चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो गया है। चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी फ्लेवियो बोल्सोनारो को बढ़त मिलने के बाद उन्हें अगला राष्ट्रपति बनने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।

लूला ने पहले चरण में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की और दूसरे और निर्णायक चरण में  51.8 प्रतिशत वैध वोट हासिल किया और लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति की कुर्सी पर कब्जा किया। लूला ने अपनी जीत को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपनी चुनावी जीत के लिए सोशल नेटवर्किंग ऐप Whatsapp और सोशल मीडिया को श्रेय दिया। आइए आपको बताते हैं कि लूला की जीत में Whatsapp और सोशल मीडिया की क्या भूमिका था? 

युवा वोटर्स का समर्थन और सड़कों पर प्रदर्शन

पहले दौर के नतीजों के बाद लूला के समर्थन में छात्र और युवा बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे। रियो डी जनेरियो, साओ पाउलो और बेलो होरिजोंटे जैसे शहरों में लोगों ने उनके समर्थन में रैलियां निकालीं। इन प्रदर्शनों में सामाजिक कल्याण योजनाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। गेटुलियो वर्गास फाउंडेशन के राजनीतिक विशेषज्ञ एडुआर्डो ग्रिन के मुताबिक, युवाओं की एकजुटता ने लूला के अभियान को मजबूती दी। 

सोशल मीडिया पर बदली रणनीति

लूला डा सिल्वा ने पहले दौर के अभियान को काफी बिखरा हुआ बताया था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी रणनीति बदली और युवा राजनीतिक इन्फ्लुएंसर्स की मदद ली। उन्होंने अपना पहला मोबाइल फोन भी खरीदा और खुद को मजाकिया अंदाज में 'सेल्फी का किंग' बताया।

उनके समर्थकों ने भी दक्षिणपंथी खेमे की मजबूत ऑनलाइन मौजूदगी का मुकाबला करने के लिए डिजिटल अभियान चलाया इसमें Whatsapp चैनल्स की अहम भूमिका थी । सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करने से लेकर मतदाताओं से सीधे बातचीत करने तक, समर्थकों ने लगातार काम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 'लूला आर्मी' नाम का व्हाट्सऐप चैनल तीन सप्ताह में लगभग 60 हजार से बढ़कर करीब 11 लाख नहीं, बल्कि 1.1 करोड़ फॉलोअर्स तक पहुंच गया।

बोल्सोनारो परिवार की वापसी का डर

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, सड़कों और सोशल मीडिया पर लूला के समर्थन में जुटे लोगों के पीछे बोल्सोनारो परिवार की सत्ता में वापसी की आशंका भी एक वजह थी। फ्लेवियो बोल्सोनारो को उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो ने दक्षिणपंथी राजनीति का नेतृत्व करने के लिए आगे किया था। 

जेयर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में लूला से हारने के बाद तख्तापलट की कोशिश से जुड़े मामले में 27 साल की सजा काट रहे हैं। फ्लेवियो ने अपने पिता को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताया था और सत्ता में आने पर उन्हें आजाद कराने का वादा किया था।

कल्याणकारी योजनाओं और राहत कदमों का फायदा

लूला के अभियान में सामाजिक और आर्थिक राहत से जुड़े कदम भी अहम रहे। कांग्रेस ने एक ऐसे सुधार को मंजूरी दी, जिसके तहत कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन आराम देने का प्रावधान था। यह उनके चुनावी वादों में शामिल था।

इसके अलावा, सरकार ने अक्टूबर के कल्याणकारी भुगतान को चुनाव के बाद के बजाय पहले देने का कार्यक्रम बनाया। छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज राहत समेत कई अन्य लोकप्रिय कदम भी उठाए गए। 

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