किम जोंग उन और लुकाशेंको, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

तानाशाहों की जुगलबंदी! उत्तर कोरिया पहुंचे बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको; क्या US के खिलाफ बनेगा नया मोर्चा?

North Korea Belarus: बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे हैं। वह किम जोंग उन के साथ द्विपक्षीय संबंधों और अमेरिका के खिलाफ एक साझा मोर्चा बनाने पर चर्चा करेंगे।

अमन उपाध्याय

Lukashenko Kim Jong Un Meeting: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको बुधवार, 25 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। लुकाशेंको की यह यात्रा उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के आधिकारिक निमंत्रण पर हो रही है। प्योंगयांग के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त उप प्रधानमंत्री किम टोक हुन ने उनका भव्य स्वागत किया।

मैत्री संधि और रणनीतिक सहयोग

बेलारूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'बेल्टा' के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना है। चर्चा का एक प्रमुख हिस्सा 'मैत्री और सहयोग संधि' पर हस्ताक्षर करना होगा जिसकी पुष्टि बेलारूसी विदेश मंत्री मैक्सिम रयज़ेनकोव ने पहले ही कर दी थी। यह कदम दोनों देशों के बीच दशकों पुराने संबंधों को और अधिक औपचारिक और मजबूत बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।

क्रेमलिन के दो सबसे करीबी सहयोगियों का मिलन

लुकाशेंको और किम जोंग उन की इस मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है क्योंकि ये दोनों ही नेता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं। लुकाशेंको ने जहां 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के लिए बेलारूसी धरती को लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। वहीं किम जोंग उन ने हाल के वर्षों में रूस को हजारों सैनिक और भारी मात्रा में हथियारों की आपूर्ति कर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है।

अमेरिका के खिलाफ एकजुट होने की पुकार

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब किम जोंग उन ने हाल ही में अमेरिका के प्रति अपने कड़े रुख को और अधिक आक्रामक बनाया है। सोमवार को उत्तर कोरिया की संसद में दिए गए एक भाषण में किम ने अमेरिका पर "राज्य आतंकवाद और आक्रामकता" का आरोप लगाया था। किम ने वाशिंगटन के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा बनाने की अपील की है जिसमें बेलारूस जैसे देशों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

चीन से प्योंगयांग तक का सफर

लुकाशेंको और किम जोंग उन की पिछली मुलाकात सितंबर 2025 में बीजिंग में हुई थी जहां किम ने लुकाशेंको को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण दिया था। बेलारूस और उत्तर कोरिया के बीच यह बढ़ती नजदीकी न केवल आर्थिक और राजनयिक है बल्कि यह परमाणु और सैन्य मोर्चे पर भी पश्चिमी देशों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, यह 'नया गठबंधन' वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

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