लूला डा सिल्वा ने चुनाव में फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया
जीत के बाद लूला ने कहा, ब्राजील अमेरिका का पिछलग्गू नहीं है
लूला जनवरी 2027 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं
Brazil Luiz Inacio Lula da Silva Won President Election: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने रविवार ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे, फ्लेवियो बोल्सोनारो को हरा दिया है। 80 वर्षीय लूला डा सिल्वा ने रिकॉर्ड चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। इस जीत के बाद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ब्राजील अमेरिका का पिछलग्गू नहीं है।
ट्रंप ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को अपना खास दोस्त मानते हैं और उन्होंने चुनाव में उनके बेटे और लिबरल पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो का समर्थन किया था। हालांकि इस हार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा ब्राजील के चुनावी नतीजों ने दक्षिण अमेरिकी देशों में जारी राइट विंग के चुनावी लहर को भी रोक दिया है।
लूला डा सिल्वा की यह जीत कई मायनों में अहम है। चुनाव के शुरुआती चरणों में लूला फ्लेवियो बोल्सोनारो से पिछड़ गए थे और दूसरे पायदान पर आ गए थे। इसे देखते हुए माना जा रहा था कि फ्लेवियो यह चुनाव आसानी से जीत लेंगे। लेकिन दूसरे चरण के मतदान में दोनों उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद फिर से वोटिंग करवाई गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 99.89 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने पर, लूला को कुल वैध वोटों का 51.78 प्रतिशत हिस्सा मिला। वहीं, लिबरल पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे, फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23 प्रतिशत वोट मिले। पहले दौर में लूला पिछड़ गए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
लूला 5 जनवरी 2027 को चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। यह चौथी बार होगा जब वे ब्राजील के राष्ट्रपति बनेंगे। लूला 2027 से 2030 तक शासन करेंगे। उनके सामने एक ऐसी कांग्रेस (संसद) होगी, जिसमें बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी के पास दशकों में सबसे ज्यादा सीटें हैं।
लूला ने अपनी जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक बार फिर, ब्राजील की जनता ने मुझे दिखाया कि जब हम साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता। हमने इन दिनों खूब मेहनत की। हर कदम, हर काम और हर मार्च, केवल चुनाव प्रचार के पल नहीं थे। ये सपनों के साक्षात होने का प्रमाण थे, जो ठोस उपलब्धियों में बदल गए जैसे कि 6x1 कार्यदिवस (सप्ताह में 6 दिन काम) का अंत। लोगों के आगे बढ़े हाथ और उनकी मुस्कान ने मुझे याद दिलाया कि मैंने अपना जीवन इस देश के मजदूरों की लड़ाई के लिए क्यों समर्पित किया है।
भारत और ब्राजील BRICS, IBSA, G20, G4 और G-77 जैसे समूहों का हिस्सा हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा काफी अच्छे दोस्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी अगले साल लूला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, शपथ ग्रहण में अभी समय और ब्राजील की ओर से पीएम मोदी को आधिकारिक तौर पर न्योता नहीं मिला है।