अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

क्या सऊदी अरब भी बना रहा परमाणु बम! अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चेतावनी ने दुनिया को चौंकाया

Saudi Arabia Nuclear Weapon: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाता है तो सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश भी अगले ही दिन परमाणु बम हासिल कर लेंगे।

अमन उपाध्याय

Middle East News In Hindi: मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की एक नई और खतरनाक दौड़ शुरू होने की संभावना ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देते हुए संकेत दिए हैं कि सऊदी अरब भी चुपचाप परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ सकता है। एक मशहूर पत्रकार मेगिन केली को दिए इंटरव्यू में वेंस ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान परमाणु शक्ति बनने में सफल होता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।

अगले ही दिन सऊदी के पास होगा परमाणु बम

वेंस ने अपनी चेतावनी में कहा कि परमाणु हथियारों का प्रसार केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ईरानियों को परमाणु हथियार मिल जाता है, तो आप जानते हैं कि अगले ही दिन किसके पास परमाणु हथियार होगा? सऊदी अरब के पास। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि सऊदी अरब शायद पहले से ही अपनी परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। वेंस के अनुसार, सऊदी अरब के बाद खाड़ी के अन्य अरब देश भी इसी रास्ते पर चल सकते हैं, जो दुनिया के लिए एक अत्यंत खतरनाक स्थिति पैदा कर देगा।

डोनाल्ड ट्रंप की 'न्यूक्लियर पॉलिसी'

जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीति दुनिया में परमाणु हथियारों के खतरे को कम करने की है। ट्रंप इराक युद्ध जैसी पुरानी गलतियों को दोहराना नहीं चाहते और उनकी कोशिश रहेगी कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही मुद्दों का समाधान निकले।

हालांकि, वेंस ने यह भी साफ कर दिया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता है यह अमेरिका की अडिग नीति है। यदि कूटनीति विफल रहती है और सैन्य कार्रवाई ही आखिरी विकल्प बचती है तो ट्रंप प्रशासन उस पर भी फैसला लेने से पीछे नहीं हटेगा।

ओमान में कूटनीतिक हलचल

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ शुक्रवार को ओमान में ईरानी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। जहां ईरान केवल अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमित चर्चा चाहता है वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को भी वार्ता के दायरे में लाया जाए। इसके अतिरिक्त, वेंस ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर भी बात की और कहा कि ट्रंप ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति रखते हैं और वहां एक मित्रवत सरकार की उम्मीद करते हैं।

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