जापान स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

होर्मुज संकट के बीच जापान का बड़ा कदम,1 मई से जारी करेगा 3.4 बिलियन डॉलर का 'इमरजेंसी' तेल भंडार

Japan Strategic Oil Reserve Release: अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए जापान ने अपने रणनीतिक तेल भंडार को बाजार में उतारने का फैसला किया है।

अमन उपाध्याय

Japan Strategic Oil Reserve Release News In Hindi: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग Strait of Hormuz को अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है। इस संकट का सीधा असर अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान पर दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच, जापानी सरकार ने घोषणा की है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1 मई से लगभग 20 दिनों के लिए अतिरिक्त तेल भंडार जारी करना शुरू कर देगी।

क्यों डरा है जापान?

होर्मुज जलडमरूमध्य एक पतला समुद्री गलियारा है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से इस क्षेत्र में तनाव चरम पर है। जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि वह अपने 90 फीसदी से ज्यादा कच्चे तेल के आयात के लिए पश्चिम एशिया पर निर्भर है, जिसका अधिकांश हिस्सा इसी स्ट्रेट से होकर गुजरता है।

3.4 बिलियन डॉलर का दांव

जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह इस संकट के दौरान तेल भंडार छोड़ने का दूसरा बड़ा फैसला है। इससे पहले सरकार ने 50 दिनों के तेल भंडार को पहली बार बाजार में उतारा था। ताजा निर्णय के तहत 5.8 मिलियन किलोलीटर तेल जारी किया जाएगा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 540 बिलियन येन (3.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है। इसका उद्देश्य देश के भीतर एनर्जी सप्लाई को स्थिर रखना और कीमतों को नियंत्रण में रखना है।

सऊदी अरब से मांगी मदद

तेल भंडार जारी करने के साथ-साथ जापान कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय है। 23 अप्रैल को जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से फोन पर बात की। ताकाइची ने ईरान के हमलों से हुए नुकसान पर संवेदना व्यक्त की और क्षेत्र में सीजफायर बनाए रखने की अपील की ताकि समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा जल्द बहाल हो सके।

जापानी प्रधानमंत्री ने संकट के बावजूद यानबू पोर्ट के जरिए तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए सऊदी अरब की सराहना की और भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने में सहयोग मांगा। जवाब में प्रिंस सलमान ने जापान को आश्वस्त किया कि सऊदी अरब ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने के लिए जापान के साथ खड़ा रहेगा। जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, जापान इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत और बीच-बचाव करने वाले देशों की कोशिशों का भी समर्थन कर रहा है।

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