Israel Attacks Yemen: इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने रविवार को यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर भीषण हमला किया। इजराइली हवाई हमलों के बाद राजधानी सना के कई इलाकों पर जोरदार धमाके सुने गए। इस बात की जानकारी हूती विद्रोहियों के टीवी चैनल अल-मसीरा ने दी।
हूती सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि हमला सना के एक नगरपालिका भवन पर हुआ और उसमें हताहत होने की खबरें हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बमबारी राष्ट्रपति भवन और मिसाइल ठिकानों के पास भी हुई। हमले का विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह हमला उस घटना के दो दिन बाद हुआ जब हूतियों ने इजराइल पर एक क्लस्टर मिसाइल दागी थी। क्लस्टर मिसाइल ऐसा हथियार होता है जो हवा में फटकर कई छोटे-छोटे बम गिराता है। इजराइली वायुसेना अधिकारी ने कहा कि यह 2023 के बाद पहली बार हुआ है जब हूतियों ने इजराइल पर क्लस्टर बम दागा। अधिकारी के मुताबिक, यह एक “नया खतरा” है क्योंकि ऐसे हथियारों को रोकना मुश्किल होता है और यह भी दिखाता है कि हूतियों को ईरान से और उन्नत तकनीक मिल रही है।
इजराइल के अखबार मारिव ने बताया कि हूतियों के कब्जे वाले लाल सागर के बंदरगाह होदेइदाह में भी इसी तरह के हमले किए गए। हूती विद्रोही अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे यह सब फिलिस्तीनियों के समर्थन में कर रहे हैं। करीब दो साल से वे लाल सागर में व्यापारी जहाजों पर भी हमले कर रहे हैं।
अखबार ने बताया कि ज्यादातर मिसाइलें इजराइल तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दी जाती हैं, लेकिन लगातार हमलों के कारण इजराइल जवाबी कार्रवाई करता रहा है। 17 अगस्त को इजराइल ने कहा था कि उसने सना में एक ऊर्जा केंद्र पर हमला किया। रविवार का हमला उसी के बाद सना पर पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।
हालांकि, हूतियों के हमलों से सीधे नुकसान बहुत कम होता है, लेकिन उनके नए और खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल से युद्ध गाजा से बाहर पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है। खासकर क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि उन्हें ईरान से और मजबूत समर्थन मिल रहा है।