गाजा में सीजफायर के बावजूद इजरायली ड्रोन हमले में दो साइकिल सवार फिलिस्तीनी युवकों की मौत (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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गाजा में इजरायली ड्रोन का कहर: सीजफायर के बीच साइकिल सवार दो फिलिस्तीनियों की हमले से मौत

Gaza Drone Attack: गाजा में सीजफायर के बावजूद इजरायली ड्रोन हमले में दो साइकिल सवार फिलिस्तीनी युवकों की मौत हो गई। हिंसा में अब तक 72,037 लोग जान गंवा चुके हैं और तनाव जारी है।

प्रिया सिंह

Palestine Israel Conflict News: गाजा पट्टी में शांति समझौते के दावों के बीच एक बार फिर हिंसा की दर्दनाक खबर सामने आई है। इजरायली ड्रोन ने पूर्वी देर अल-बलाह में दो साइकिल सवार फिलिस्तीनी युवकों को निशाना बनाया है। गाजा में ड्रोन हमले के इस ताजा घटनाक्रम ने इलाके में सुरक्षा और शांति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीजफायर लाइन के पास हुई इस मौत ने स्थानीय लोगों में भारी डर पैदा कर दिया है।

सीजफायर के बाद भी हमला

अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला पूर्वी देर अल-बलाह में हुआ। मारे गए दोनों युवक अपनी साइकिल पर सवार होकर सीजफायर लाइन के पास से गुजर रहे थे तभी ड्रोन ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ही गाजा को बांटने वाली इस संवेदनशील रेखा पर भारी तनाव देखा जा रहा है।

महिला की भी गई जान

ड्रोन हमले के अलावा मध्य मघाजी शरणार्थी शिविर से भी एक और मौत की दुखद खबर सामने आई है। इजरायली गोलीबारी की चपेट में आने से एक फिलिस्तीनी महिला ने भी अपनी जान गंवा दी है। अस्पताल प्रशासन ने महिला का शव मिलने की पुष्टि की है जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है।

मौतों का बढ़ता आंकड़ा

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 अक्टूबर को शुरू हुए संघर्षविराम के बाद 586 लोग मारे गए हैं। अगर युद्ध की शुरुआत से बात करें तो अब तक कुल मौतों की संख्या 72037 तक पहुंच गई है। इन आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिला कर रख दिया है और शांति की अपील की जा रही है।

सेना की जवाबी कार्रवाई

इजरायली सेना ने अभी तक इन ताजा हमलों पर अपनी ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या जवाब जारी नहीं किया है। हालांकि पूर्व में सेना ने हमेशा यह तर्क दिया है कि वह केवल संघर्षविराम के उल्लंघन पर ही कार्रवाई करती है। सैनिकों पर हमला होने की स्थिति में ही उनके द्वारा ड्रोन या हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है।

शांति की धुंधली उम्मीद

गाजा में रहने वाले आम नागरिकों का कहना है कि उन्हें सीजफायर के बावजूद युद्ध खत्म होने का अहसास नहीं हो रहा है। चारों ओर फैली तबाही और लगातार हो रहे हमले लोगों के मन में घर कर गए डर को और बढ़ा रहे हैं। हालांकि रफाह सीमा चौकी से मिस्र की ओर लोगों की आवाजाही थोड़ी बढ़ने से कुछ राहत दिखी है।

भविष्य की सुरक्षा योजनाएं

इलाके में स्थायी शांति बहाल करने के लिए अब अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षक बल बनाने की योजनाओं पर गंभीरता से चर्चा हो रही है। यह बल गाजा में सुरक्षा मुहैया कराने और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने में मदद कर सकता है। वैश्विक नेता लगातार कोशिश कर रहे हैं कि हिंसा के इस चक्र को हमेशा के लिए रोका जा सके।

मानवाधिकारों का हनन

निर्दोष नागरिकों की जान जाने से मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए जांच की मांग की है। युद्ध के बीच आम लोगों का जीवन जिस तरह से प्रभावित हुआ है वह मानवता के लिए एक बड़ी चुनौती है। अब देखना होगा कि शांति रक्षक बल की योजना धरातल पर कब तक उतर पाती है।

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