इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर (सोर्स- सोशल मीडिया)  
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इजरायल में हुआ बड़ा उलटफेर...जिस मंत्री ने करवाया गाजा समझौता, उसने छोड़ा नेतन्याहू का साथ

Ron Dermer Reigns: इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गाजा युद्धविराम में भूमिका निभाई, नेतन्याहू की प्रशंसा की और परिवार से वादा पूरा करने का कारण बताया।

अक्षय साहू

Israel-Hamas News: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी सहयोगी और रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर अपने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। डर्मर देश की दक्षिणपंथी सरकार के सबसे प्रभावशाली सदस्यों में शामिल थे, ने पिछले महीने अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा युद्धविराम समझौते से पहले महीनों तक वार्ता का नेतृत्व किया था।

डर्मर ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने परिवार से वादा किया था कि वह दो साल से अधिक सेवा नहीं करेंगे। उन्होंने नेतन्याहू के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले और उसके बाद के दो साल के युद्ध दोनों से परिभाषित होगी। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपने दुश्मनों का सामना साहस और स्पष्टता के साथ किया और नैतिक दुविधा और भय को त्यागा।

युद्ध को लंबा खींचने का आरोप

रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने दावा किया कि ईरान के आतंकवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया गया है और अब इजरायल सुरक्षा, समृद्धि और शांति के युग की ओर बढ़ रहा है। डर्मर के इस्तीफे को मीडिया में हफ्तों से चल रही अटकलों के बाद देखा गया। आलोचकों का कहना है कि 54 वर्षीय अमेरिका में जन्मे डर्मर ने गाजा युद्ध को समय पर समाप्त नहीं किया और नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के संभावित अभियोग से बचाने के लिए संघर्ष लंबा खींचने में मदद की।

इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग को इसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पत्र मिला, जिसमें उन्होंने नेतन्याहू को माफी देने पर विचार करने का आग्रह किया। ट्रंप ने इसे राजनीतिक और अनुचित अभियोजन बताया।

गाजा युद्धविराम के बाद, हमास ने सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा किया और 24 मृत बंधकों के अवशेष लौटाए। डर्मर ने अमेरिका-इजरायल संबंधों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें फरवरी में युद्धविराम वार्ता का नेतृत्व सौंपा गया था, हालांकि इजरायलियों में उनकी पहचान कम थी।

नेतन्याहू की कुर्सी को खतरा

इजरायल में अगले साल चुनाव होने हैं। विपक्षी दल और अधिकांश राजनीतिक समूह इजरायल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त पैनल के तहत शक्तिशाली राज्य जांच की स्थापना चाहते हैं ताकि हमास के 2023 घुसपैठ और उसके बाद हुई तबाही के लिए जिम्मेदारी तय की जा सके। इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 250 बंधक बनाए गए। इसके जवाब में हुए इजरायल आक्रमण में गाजा में लगभग 69,000 लोग मारे गए। नेतन्याहू ने विपक्षी मांग को खारिज करते हुए कहा कि व्यापक समर्थन के बिना कोई आयोग सफल नहीं होगा।

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