इजरायल का मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

रात के सन्नाटे में इजरायल का जबरदस्त हमला, तेहरान में घुसकर उड़ाया सुप्रीम लीडर का जहाज; ईरान में मचा हड़कंप

Israel Iran War: इजरायली सेना ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला कर ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के विशेष विमान को तबाह कर दिया है। इस कार्रवाई से ईरान के सैन्य तंत्र को बड़ा झटका लगा है।

अमन उपाध्याय

Israel Tehran Mehrabad Airport Strike: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच इजरायली रक्षा बलों ने एक अत्यंत साहसिक और रणनीतिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान के भीतर घुसकर मेहराबाद हवाई अड्डे पर एक बड़ी एयरस्ट्राइक की है। इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाना और उनके शीर्ष नेतृत्व की आवाजाही को बाधित करना था।

खामेनेई के 'रणनीतिक विमान' पर सटीक निशाना

इजरायली सेना द्वारा रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक विशेष विमान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। इजरायल ने इस विमान को ईरान की एक 'रणनीतिक संपत्ति' करार दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान न केवल सर्वोच्च नेता के लिए आरक्षित था बल्कि इसका उपयोग ईरानी शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, सैन्य नेताओं और सशस्त्र बलों के सदस्यों द्वारा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी किया जा रहा था।

सैन्य संचार और 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' पर चोट

इजरायली सेना के मुताबिक, इस विमान का महत्व केवल परिवहन तक सीमित नहीं था। इसी विमान के जरिए ईरान अपनी सैन्य खरीद, गुप्त संचार और अपने क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों, जिन्हें 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' कहा जाता है उनके साथ तालमेल बिठाने का काम करता था। इस विमान के नष्ट होने से ईरानी शासन की अपने सहयोगियों के साथ समन्वय स्थापित करने की क्षमता को गहरा धक्का लगा है। इजरायल का मानना है कि इस प्रहार से ईरान की सैन्य क्षमताओं को फिर से मजबूत करने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाएगी।

इजरायल की खुली चेतावनी

इस सफल हमले के बाद इजरायली सेना ने अपने इरादे पूरी तरह स्पष्ट कर दिए हैं। एक आधिकारिक सैन्य बयान में इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह पूरे ईरान में कहीं भी सैन्य बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी वाहन, विमान या उपकरण को निशाना बनाना जारी रखेगा। इजरायल इस कार्रवाई को ईरानी शासन की 'रीढ़' तोड़ने और उसकी युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की शक्ति को सीमित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में इस तरह की सटीक स्ट्राइक करना ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती और विफलता के रूप में देखा जा रहा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और इजरायल-ईरान के बीच सीधा टकराव महायुद्ध की आहट दे रहा है। इस घटना के बाद ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्र के बदलते समीकरणों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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