इजरायल ने तेहरान में ईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर और एयर डिफेंस फैक्ट्री को तबाह कर दिया (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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इजरायल का ईरान पर घातक हमला, तेहरान में स्पेस रिसर्च सेंटर और एयर डिफेंस फैक्ट्री को किया तबाह

Israel Strike Tehran: इजरायल ने तेहरान में हवाई हमले कर ईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर और एयर डिफेंस फैक्ट्री को तबाह कर दिया है, जिससे ईरान की रक्षा प्रणाली और सैन्य उपग्रह क्षमता को भारी नुकसान हुआ है।

प्रिया सिंह

Strategic Military Site Destruction Iran: इजरायली सेना (IDF) ने तेहरान में भीषण हवाई हमले कर ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इन हमलों में ईरान का मुख्य स्पेस रिसर्च सेंटर और रक्षा प्रणाली बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री पूरी तरह नष्ट हो गई है। यह सैन्य कार्रवाई मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण जंग के 16वें दिन हुई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। इजरायल का दावा है कि ये ठिकाने निगरानी और हमलों के लिए सैन्य उपग्रह विकसित करने हेतु उपयोग किए जा रहे थे।

हमला करने की वजह

इजरायली वायुसेना के अनुसार, इस हमले का मुख्य लक्ष्य उन रणनीतिक प्रयोगशालाओं को ध्वस्त करना था जो सैन्य उपग्रहों का निर्माण कर रही थीं। इन उपग्रहों का उपयोग पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में इजरायली संपत्तियों की निगरानी और उन पर सटीक हमलों के दिशा-निर्देश देने के लिए होना था। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रहार से ईरान की अंतरिक्ष अनुसंधान और टोही क्षमताओं को आने वाले समय के लिए पीछे धकेल दिया गया है।

रक्षा प्रणाली पर सीधी चोट

स्पेस सेंटर के अलावा इजरायल ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र को बनाने वाली एक प्रमुख फैक्ट्री को भी मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। IDF का कहना है कि इस हमले ने ईरान की अपने सुरक्षा कवच को फिर से खड़ा करने और उसे सुदृढ़ करने की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है। अब ईरान के लिए हवाई खतरों से निपटना पहले की तुलना में बहुत अधिक कठिन हो जाएगा क्योंकि उनका मुख्य निर्माण केंद्र अब बंद हो चुका है।

युद्ध का वर्तमान घटनाक्रम

मिडल ईस्ट में जारी इस भयंकर युद्ध का आज 16वां दिन है और संघर्ष की तीव्रता लगातार बढ़ती ही जा रही है। ज्ञात हो कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान सहित कई शहरों पर बड़े हमले किए थे जिनमें शीर्ष नेता भी मारे गए थे। जवाब में ईरान ने भी इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की झड़ी लगा दी थी, जिससे टकराव और अधिक बढ़ गया।

वैश्विक प्रभाव और तनाव

मौजूदा हालात को देखते हुए सीजफायर या शांति की कोई भी संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है क्योंकि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की सरकार ने युद्ध विराम की शर्तों को मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भी तनाव बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति पर संकट के गहरे बादल मंडराने लगे हैं।

ईरान की भावी चुनौती

ईरान अब अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है क्योंकि उसके रक्षा और अंतरिक्ष दोनों ही क्षेत्रों के महत्वपूर्ण केंद्र अब नष्ट हो चुके हैं। सैन्य कमांडरों की मौत और बुनियादी ढांचे की तबाही ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दुनिया भर के कूटनीतिज्ञों की नजर अब ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर है, जो इस युद्ध की दिशा और दशा तय करने वाली साबित होगी।

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