सांकेतिक तस्वीर  
विदेश

कांगो में ISIS का खूनी खेल! गांव में घुसकर 56 लोगों को उतारा मौत के घाट, कई लापता, घरों में लगाई आग

Congo News: पूर्वी कांगो के बाफवाकोआ गांव में ISIS से जुड़े ADF विद्रोहियों ने कत्लेआम मचाया, जिसमें 56 लोगों की मौत की आशंका है। घरों को फूंकने के साथ विद्रोहियों ने कई लोगों को बंधक भी बनाया।

अक्षय साहू

ISIS Linked Militants Attack Eastern Congo: पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े विद्रोही समूह ‘अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज’ (ADF) ने बुधवार रात बाफवाकोआ गांव में बड़े पैमाने पर हमला किया। अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 43 लोग मारे गए हैं, जबकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या 56 तक हो सकती है।  स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग लापता हैं और कम से कम दो नागरिकों को बंधक बना लिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है।

सिविल सोसाइटी से जुड़े एक सदस्य सैमुअल बनापिया ने बताया कि एडीएफ के लड़ाकों ने गांव में घरों को आग लगा दी। कांगो की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जूल्स न्गोंगो ने कहा कि एडीएफ आम लोगों को निशाना बनाता है और सीधे सेना से टकराने से बचता है। इस तरह के हमले शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचाते हैं।

आतंकवाद से पीड़ित है Congo

पूर्वी कांगो में एडीएफ के अलावा कई अन्य विद्रोही समूह सक्रिय हैं। इनमें सबसे प्रमुख रवांडा समर्थित 'एम23' समूह है, जिसने पिछले साल पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख शहरों पर कब्जा किया था। एडीएफ की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनका क्षेत्र में मजबूत प्रभाव है और वे अक्सर नागरिकों पर हमले करते रहते हैं। हाल के वर्षों में युगांडा सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए हैं। पिछले साल उन्होंने एक पड़ोसी क्षेत्र में 66 लोगों की हत्या की थी और कई को बंधक बनाया था।

एम23 क्या है?

एम23, या “March 23 Movement”, पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में सक्रिय एक सशस्त्र विद्रोही समूह है। इसका नाम 23 मार्च 2009 को कांगो सरकार और उसके पूर्व सैनिकों के बीच हुए शांति समझौते की शर्तों के पालन में असफलता के विरोध में रखा गया। समूह का गठन मुख्य रूप से पूर्व राष्ट्रीय सेना के सैनिकों द्वारा किया गया था, जो नॉर्ड किवु और तांगा क्षेत्र में केंद्रित हैं।

एम23 का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय नियंत्रण, राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक संसाधनों पर दबाव बनाना है। समूह समय-समय पर अपने लक्ष्यों और गतिविधियों को बदलता रहा है, लेकिन हथियारों का इस्तेमाल करके अपने प्रभाव को बनाए रखना इसका प्राथमिक तरीका है। 

INDIA Alliance Protest Live: गठबंधन के सांसदों का लंच खत्म, आगे जंतर-मंतर पर धरने की तैयारी

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिरी, कई लोग मलबे में दबे

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहनेगी बॉडी कैमरा? दिल्ली HC के फैसले का मतलब समझें

PM Modi 25 Years of Seva Live: जनसेवा के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प की ली शपथ, अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां

देवभूमि से बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद: PM मोदी के 25 साल के बेमिसाल सफर पर CM धामी ने की दीर्घायु होने की कामना