साल 2023 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मदी नरगिस 
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ईरान की जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी होंगी अस्पताल में भर्ती, मिली मंजूरी

ईरान की जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को अधिकारियों ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति दे दी है। मोहम्मदी करीब नौ सप्ताह से बीमार चल रही हैं। फ्री नार्जेस कोलिशन ने रविवार को एक बयान में कहा कि मोहम्मदी को उपचार के लिए चिकित्सकीय फरलो दिया जाना चाहिए।

साक्षी सिंह

तेहरान: ईरान की जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को अधिकारियों ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति दे दी है। मोहम्मदी करीब नौ सप्ताह से बीमार चल रही हैं। यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता के बारे में एक संगठन ने दी।

फ्री नार्जेस कोलिशन ने रविवार को एक बयान में कहा कि मोहम्मदी को उपचार के लिए चिकित्सकीय फरलो दिया जाना चाहिए। बयान में ये भी कहा गया कि महीनों तक उनकी उपेक्षा और देखभाल के अभाव के कारण यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हुई है। उन्हें अस्पताल में स्थानांतरित करने से ही इसका समाधान नहीं होगा।

मोहम्मदी को ईरान की एविन जेल में रखा गया है। इस जेल में राजनीतिक कैदियों और पश्चिमी देशों से जुड़े लोगों को रखा जाता है। वह पहले से ही 30 महीने की सजा काट रही थीं। इसके बाद जनवरी में उनकी सजा में 15 महीने और जोड़ दिए गए थे।

मोहम्मदी को छह महीने की और सजा

ईरान के प्राधिकारियों ने शनिवार को उनके खिलाफ छह महीने की और सजा जारी की। उनके लिए यह अतिरिक्त सजा इसलिए जोड़ी गई क्योंकि उन्होंने छह अगस्त को एविन जेल के महिला वार्ड में एक अन्य राजनीतिक कैदी की फांसी की सजा का विरोध किया था।

मोहम्मदी नरगिस के लिए संगठन की मांग

मोहम्मदी हृदय रोग से पीड़ित हैं और सितंबर में जारी हुई। उनकी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उनके हृदय की मुख्य धमनी में फिर से गंभीर जटिलताएं पैदा हो गई हैं। संगठन ने कहा कि वे मोहम्मदी की बिना शर्त रिहाई और उन्हें पूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते रहेंगे।

नरगिस मोहम्मदी जेल में क्यों हैं बंद

नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है।वे सालों से से ईरान में एक प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता रही हैं। नरगिस मोहम्मदी को 2021 में गिरफ्तार गया था। जब वो गैसोलीन की कीमतों में वृद्धि के कारण 2019 में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में मारे गए एक व्यक्ति के स्मारक में जाने की कोशिश कर रहीं थी।

सलाखों के पीछे रहने के बावजूद नरगिस मोहम्मदी का हौसला नहीं टूटा और उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए एक ओपिनियन लिखा। उन्होंने अपने लेखों के दम पर ईरान सरकार को कई बार चुनौतियां दी हैं। नरगिस देश भर में महिलाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों की एक प्रमुख व्यक्ति रही थीं।

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