फुजैराह बंदरगाह पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान-अमेरिका जंग: UAE पर बरसीं 2000 से ज्यादा मिसाइलें, फुजैराह बंदरगाह बना निशाना; आखिर ईरान क्यों है नाराज?

Iran UAE Missile Strikes: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने UAE पर 2000 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। तेहरान का आरोप है कि यूएई अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को करने दे रहा है।

अमन उपाध्याय

Why Iran Attack On UAE: पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जारी जंग ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। इस संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान और हमलों का सामना संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को करना पड़ रहा है। 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। ईरान लगातार खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है, लेकिन यूएई उसके गुस्से का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है।

फुजैराह बंदरगाह पर हमला और तेल निर्यात पर असर

हालिया घटनाक्रम में ईरान ने यूएई के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फुजैराह बंदरगाह को निशाना बनाया है। यह बंदरगाह होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी में स्थित है और यहां से यूएई का प्रसिद्ध 'मुरबान' कच्चा तेल निर्यात किया जाता है। ईरानी ड्रोन हमलों के बाद फुजैराह शहर में काले धुएं का गुबार देखा गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन का मलबा गिरने की वजह से बंदरगाह क्षेत्र में भीषण आग लग गई थी। यह हमला यूएई की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तेल निर्यात क्षेत्र पर सीधा प्रहार है।

ईरान के गंभीर आरोप और यूएई की सफाई

तेहरान ने यूएई पर आरोप लगाया है कि उसने खर्ग द्वीप पर हुए हमले के लिए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के अनुसार, खर्ग और मूसा द्वीप पर हुए हमलों में रास अल खैमाह और दुबई के पास तैनात HIMARS रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था। वहीं, यूएई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने स्पष्ट किया कि अमीरात अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश पर हमले के लिए नहीं होने देगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हालांकि यूएई कूटनीति और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अपनी रक्षा के लिए वह आत्मरक्षा के अधिकार का पूरी तरह उपयोग करेगा।

2000 से ज्यादा हमले और सुरक्षा चुनौतियां

यूएई के रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक उनके ऊपर 2000 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले किए जा चुके हैं। हालांकि, यूएई का आधुनिक डिफेंस सिस्टम लगभग 90 फीसदी हमलों को हवा में ही नाकाम करने में सफल रहा है। पिछले 24 घंटों में ही अमीरात ने 9 बैलिस्टिक मिसाइलों और 33 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया है।

भले ही अधिकांश मिसाइलें मार गिराई जा रही हैं, लेकिन उनका गिरता हुआ मलबा दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में आगजनी और संपत्ति के नुकसान का कारण बन रहा है। ईरान की यह रणनीति दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इन शहरों में निरंतर तनाव बनाए रखने की है।

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