ओमान की खाड़ी में शुरू होने जा रही ईरान रूस की एक्सरसाइज, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

कूटनीति फेल, अब मिलिट्री एक्शन! ईरान और रूस के युद्धाभ्यास से मिडिल ईस्ट में मची खलबली, US ने तैनात किए F-35

Iran Russia Military Exercises: अमेरिका के साथ जिनेवा वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ईरान ने रूस के साथ मिलकर ओमान की खाड़ी में बड़ा नौसैनिक अभ्यास शुरू करने जा रहा है।

अमन उपाध्याय

Middle East War News: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने रूस के साथ मिलकर ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू करने का फैसला किया है। गुरुवार से शुरू होने वाली यह मिलिट्री ड्रिल न केवल सैन्य सहयोग को दर्शाती है बल्कि रणनीतिक रूप से अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव

ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है। मिलिट्री एक्सरसाइज के प्रवक्ता रियर एडमिरल हसन मघसूदलू ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के युद्धपोत ओमान की खाड़ी में अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' में भी अकेले युद्धाभ्यास शुरू किया था जहां पहले से ही अमेरिकी नौसेना की भारी तैनाती है। इसे सीधे तौर पर अमेरिकी सेना को उकसाने और अपनी संप्रभुता दिखाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

जिनेवा वार्ता की नाकामी

यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब ओमान की मध्यस्थता में जिनेवा में हुई ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत पूरी तरह बेनतीजा रही है। ट्रंप के करीबी सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ तीन घंटे तक लंबी चर्चा की थी। हालांकि दोनों पक्षों ने शुरुआत में सकारात्मक संकेत दिए थे लेकिन अंततः कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। इस विफलता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट रूप से सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं जिससे युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।

होर्मुज की घेराबंदी और वैश्विक तेल संकट

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो वह 'होर्मुज स्ट्रेट' को पूरी तरह बंद कर सकता है। मंगलवार को अभ्यास के दौरान इस जलमार्ग को कुछ घंटों के लिए बंद भी किया गया था। यह जलमार्ग दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए 'लाइफलाइन' है, क्योंकि यहाँ से विश्व की 20% तेल और नेचुरल गैस की सप्लाई गुजरती है।

अमेरिका की भारी लामबंदी

ईरान और रूस के इस गठबंधन के जवाब में अमेरिका ने भी अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनभर युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान भेजे हैं। इसके अलावा, F-35, F-22 और F-16 जैसे घातक विमानों की तैनाती लगातार बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो यह तनाव जून 2025 में हुए 12 दिवसीय युद्ध से भी बड़ी तबाही ला सकता है।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान