ईरान छोड़कर रूस भागने की तैयारी में खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान छोड़कर रूस भागने की तैयारी में खामेनेई, दावे से मचा हड़कंप, मोसाद ने भी किया कंफर्म

Iran Protests: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने देशभर में विरोध प्रदर्शन बढ़ने पर 'प्लान बी' बनाया है, जिसमें वे परिवार और करीबी सहयोगियों समेत रूस भाग सकते हैं।

अक्षय साहू

Ali Khamenei Plan to Escape Iran: ईरान में पिछले एक हफ्ते से सरकार के खिलाफ हिंसा प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी महंगाई और तानाशाही शासन से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान से के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच खबरें देश छोड़कर भागने की तैयारी कर ली है।

ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और देश में बढ़ते विरोध को देखते हुए खामेनेई ने अपना एक ‘प्लान बी’ तैयार किया है। इस योजना के तहत, अगर प्रदर्शन और तीव्र हो जाते हैं, तो खामेनेई अपने पूरे परिवार के रूस के लिए रवाना हो सकते हैं।

कौन है खामेनेई का उत्तराधिकारी?

रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में 86 वर्षीय खामेनेई के साथ उनके परिवार और बेहद करीबी सहयोगियों को भी सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की गई है। इसमें उनके बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं। इस योजना के तहत केवल लोगों को ही नहीं, बल्कि खामेनेई की विशाल संपत्ति नेटवर्क को भी देश से बाहर ले जाने का रास्ता तैयार किया गया है। द टाइम्स ने 2013 की रॉयटर्स जांच का हवाला देते हुए बताया कि खामेनेई की संपत्ति की कुल कीमत लगभग 95 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस संपत्ति में ईरान का शक्तिशाली संगठन सेताद और अर्ध-राज्य संचालित चैरिटेबल फाउंडेशन्स शामिल हैं। इन फाउंडेशन्स की वित्तीय पारदर्शिता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

असद के रास्ते पर खामेनेई

पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी बेनी साबती के अनुसार, खामेनेई का रूस जाना इस लिए अधिक संभव है क्योंकि उनके पास कोई और सुरक्षित विकल्प नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खामेनेई ने पहले भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सराहना की है और उनका मानना है कि ईरानी और रूसी संस्कृति में कई समानताएं  हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि खामेनेई का कथित ‘प्लान बी’ सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद के हालिया पलायन मॉडल से मिलता-जुलता है। असद ने नवंबर 2024 में जब उनकी सरकार गिर गई थी, रूस के लिए पलायन किया था। खामेनेई की योजना भी इसी तरह की रणनीति पर आधारित बताई जा रही है। 

मौत के बाद भी नहीं मिल सका परिवार! पिता का गांव तो मां-बेटे का शहर में अंतिम संस्कार, क्या थी सुसाइड की वजह?

आरक्षण कोई खैरात नहीं...जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच बरसे चिराग पासवान और मायावती, बताया संवैधानिक अधिकार

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अफसरों के तबादले; DDC-SDO समेत बदले कई पद, देखें पूरी लिस्ट

Explainer: क्या है CAPF एक्ट 2026, सरकार के खिलाफ क्यों मोर्चा खोल रहे अर्धसैनिक बल? जानें सभी सवालों का जवाब

अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ बांग्लादेशी नागरिक, मिर्जापुर स्टेशन पर RPF और GRP ने दबोचा