अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (सोर्स - सोशल मीडिया)
विदेश

अमेरिका से शर्तों पर बातचीत को तैयार हुआ ईरान, चेतावनी दी- हमला हुआ तो किसी को बख्शेंगे नहीं

Iran Peace Conditions: ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए कतर व पाकिस्तान के जरिए बातचीत की तीन मुख्य शर्तें रखी हैं तथा चेतावनी दी है कि नया हमला होने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।

प्रिया सिंह

Iran Peace Conditions For US: ईरान ने अमेरिका के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए कतर और पाकिस्तान के जरिए अपनी तीन मुख्य शर्तें भेजी हैं। ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने शनिवार 19 सितंबर को अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में इन शर्तों का सार्वजनिक खुलासा किया।

तेहरान ने अमेरिका के सामने सभी मोर्चों पर जंग खत्म करने, विदेशों में फ्रीज धन को मुक्त करने और नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की मांग रखी है। ईरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, जबकि साथ ही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की सूरत में कड़े हमले की चेतावनी दी है।

अमेरिका के सामने ईरान की तीन प्रमुख शर्तें

मोहसिन रेजाई के अनुसार, ईरान की पहली मांग सभी मोर्चों पर जारी युद्ध और सैन्य कार्रवाई को समाप्त करना है। तेहरान चाहता है कि दोनों पक्षों के बीच चल रहा संघर्ष रोका जाए, ताकि बातचीत के जरिए आगे का रास्ता तय किया जा सके।

दूसरी शर्त अमेरिका में फ्रीज किए गए ईरानी धन को मुक्त करने से जुड़ी है। ईरान लंबे समय से अपने फ्रीज धन को वापस हासिल करने की मांग करता रहा है। तीसरी शर्त ईरानी तटों पर लागू नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की है।

ईरानी पक्ष के मुताबिक, इन तीनों शर्तों पर सहमति बनने की स्थिति में युद्ध को रोकने और शांति वार्ता आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।

कतर और पाकिस्तान बने मध्यस्थ

ईरान ने अमेरिका तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए कतर और पाकिस्तान की मदद ली है। मोहसिन रेजाई ने बताया कि दोनों देशों के मध्यस्थों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।

तेहरान ने अपनी शर्तों को अमेरिका तक पहुंचा दिया है और अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि वह सम्मानजनक शांति समझौते के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है।

हालांकि, दोनों पक्षों के बीच इन शर्तों को लेकर अभी किसी समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आगे की बातचीत अमेरिकी प्रतिक्रिया और दोनों देशों के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।

संभावित अमेरिकी हमले को लेकर ईरान की चेतावनी

शांति वार्ता की पहल के साथ ही ईरान ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भी चेतावनी दी है। ईरानी सरकारी मीडिया ने केंद्रीय सैन्य कमान के हवाले से दावा किया कि तेहरान को अमेरिका और कुछ क्षेत्रीय देशों की ओर से संभावित हमले की जानकारी मिली है।

ईरानी सेना ने कहा कि अगर अमेरिका की ओर से नया हमला किया जाता है, तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर लगातार जवाबी कार्रवाई की जाएगी। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों को भी संघर्ष का हिस्सा माना जा सकता है।

सऊदी अरब और यमन को लेकर ईरान की भूमिका

मोहसिन रेजाई ने अल जजीरा के साथ बातचीत में क्षेत्रीय संघर्षों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, ईरान सऊदी अरब और यमन के बीच जारी संघर्ष को खत्म कराने में मदद करना चाहता है।

इसके अलावा तेहरान ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को कम करने में भी भूमिका निभाने की इच्छा जताई है। ईरानी पक्ष का कहना है कि क्षेत्रीय देशों के बीच संवाद और स्थिरता से व्यापक मध्य पूर्व में सुरक्षा मजबूत हो सकती है।

इस तरह ईरान एक ओर अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रख रहा है, वहीं दूसरी ओर संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जवाब देने की चेतावनी भी दे रहा है। अब निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया पर हैं।

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