ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान में 'राष्ट्रीय एकता सप्ताह' का ऐलान: मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने का दिया आदेश

Strait Of Hormuz Closure: ईरान ने 'राष्ट्रीय एकता और एकजुटता सप्ताह' घोषित किया है। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सुरक्षा के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लगातार बंद रखने की कड़ाई से मांग की है।

प्रिया सिंह

National Unity And Solidarity Week: ईरान के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भारी हलचल मची हुई है और प्रशासन ने अपनी आंतरिक शक्ति दिखाने की तैयारी कर ली है। उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेजा आरिफ ने आधिकारिक तौर पर देश में राष्ट्रीय एकता और एकजुटता सप्ताह मनाने का बड़ा ऐलान किया है। यह फैसला नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के उस पहले संदेश से प्रेरित है जिसमें उन्होंने जनता के बीच आपसी एकता पर जोर दिया है। बाहरी खतरों के बीच ईरान खुद को आंतरिक रूप से मजबूत करने की इस नई और कूटनीतिक कोशिश में जुटा हुआ है।

एकता और सुरक्षा का नया आधार

उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेजा आरिफ ने जोर देकर कहा कि देश की असली ताकत और सुरक्षा केवल जनता की सक्रिय मौजूदगी और अटूट एकता पर ही टिकी है। नए सर्वोच्च नेता के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन अब नागरिकों को एकजुट करने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रहा है। इस विशेष सप्ताह का मुख्य उद्देश्य बाहरी हमलों के खिलाफ देश की आंतरिक दीवारों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और अडिग बनाना है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा रुख

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने वैश्विक व्यापार के महत्वपूर्ण मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर अब बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की है कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को लगातार बंद रखने के प्रभावी तरीके का निश्चित रूप से इस्तेमाल होते रहना चाहिए। यह फैसला वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री यातायात के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव बढ़ना तय है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का पक्ष

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनके देश का 'जन्मजात अधिकार' है। इरावानी ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में अस्थिरता केवल अमेरिकी गतिविधियों और ईरान के खिलाफ हमलों का ही सीधा नतीजा है। उन्होंने दोहराया कि ईरान नेविगेशन की आजादी का सम्मान करता है लेकिन अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से कभी भी कोई समझौता नहीं करेगा।

हमलों के बाद बदली परिस्थितियां

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की जान चली गई थी। इजराइल और अमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजराइली और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार कर अपनी ताकत दिखाई थी। अब मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान अपनी रक्षा नीतियों और क्षेत्रीय संप्रभुता को लेकर पहले से कहीं अधिक आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।

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