सुन्नी धर्मगुरु मोहम्मद अनवर रिगी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान: सुन्नी धर्मगुरु मोहम्मद अनवर रिगी की हत्या, मस्जिद के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने मारी गोली

Iran Crime: ईरान के सुन्नी धर्मगुरु मौलवी मोहम्मद अनवर रिगी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दिसंबर 2024 के बाद यह उन पर दूसरा जानलेवा हमला था, जिसने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।

करुणा नंद शाहवाल

Iran Mirjaveh Molvi Mohammad Anwar Murdered: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत स्थित मिर्जावेह शहर से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ अज्ञात बंदूकधारियों ने प्रमुख बड़े सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रिगी की हत्या कर दी है। मौलवी रिगी शहर की मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के इमाम थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सरकारी मीडिया ने स्थानीय अधिकारियों का हवाला देते हुए इस घटना की पुष्टि की है। यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है और भौगोलिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है।

सिस्तान-बलूचिस्तान ईरान का सबसे गरीब और अशांत प्रांतों में से एक है। शिया-बहुल ईरान में यह प्रांत सुन्नी बलूच आबादी का गढ़ है, जो लंबे समय से जातीय और इस्लामी उग्रवादियों तथा सुरक्षा बलों के बीच जारी संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने इस हमले को प्रांत की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की एक सोची-समझी साजिश बताया है। फिलहाल, अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं और उन्होंने आम जनता से संयम बरतने व शांति बनाए रखने की अपील की है। मौलवी की हत्या ने इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है।

अज्ञात बंदुकधारियों ने की धर्मगुरु की हत्या

आपको बता दें कि सुन्नी धर्मगुरु अनवर रिगी की जब हत्या की गई तो ईरान के स्थानीय समय के अनुसार वहां सुबह के 4 बज रहें थें। जिससे इस घटना पर तरह-तरह विचार किए जा रहें है। बड़े धर्म गुरु अनवर रिगी ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के सुन्नी समुदाय के एक प्रमुख स्थानिय नेता थें। जा वह मस्जिद के अली इब्न अबी तालिब के इमाम-ए-जुम्मा थे। उनकी नियुक्ती मिर्जावेह की मस्जिद में इमाम जुम्मा के रुप में की गई थी।

मौलवी मोहम्मद अनवर रिगी पर पहले भी हुआ था जानलेवा हमला

ईरान के मिर्जावेह शहर में सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रिगी की अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मौलवी रिगी मिर्जावेह की मस्जिद में 'इमाम-ए-जुम्मा' के पद पर तैनात थे। उनकी इस नियुक्ति को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी विवाद रहा था, क्योंकि यह पद मौलवी अब्दुल क़हार मीरबलोचज़ही की गिरफ्तारी के बाद खाली हुआ था, जिसका कई स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।

यह मौलवी रिगी पर हुआ दूसरा बड़ा हमला था। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी उन पर गोलीबारी की गई थी, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, इस बार हमलावरों ने मस्जिद के पास उन्हें निशाना बनाया, जहाँ गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

MLC Election 2026 LIVE: 4 राज्यों की 28 सीटों पर वोटिंग, UP में सपा के पक्ष में माहौल; CM फडणवीस ने डाला वोट

राहुल गांधी एक फेल प्रोडक्ट हैं, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, पेश किए सबूत

अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव, ITBP चीफ के बयान से बवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

आतंकियों के अधिकार की वकालत पर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा, UN में सुनाया खरी-खरी, याद दिलाया कारगिल युद्ध

ज्ञानेश कुमार की कुर्सी पर खतरा? ओम बिरला के बयान से CEC को हटाने की मांग ने पकड़ा जोर