Iran Israel Oil Base Attacks: ईरान और इजराइल के बीच छिड़ा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है जहां दोनों देश एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले तेल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। शनिवार की देर रात शुरू हुई इस भीषण बमबारी ने मध्य पूर्व में भारी तबाही मचाई है और पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे उसकी स्थिति नरक से भी बदतर कर देंगे। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजराइल ने दावा किया है कि वह ईरान में बड़ी जीत के बेहद करीब पहुंच चुका है।
शनिवार देर रात से ईरान और इजराइल ने एक-दूसरे के महत्वपूर्ण तेल ठिकानों और सैन्य अड्डों पर भीषण हमलों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इजराइल ने अपनी कार्रवाई में तेहरान सहित ईरान के कई शहरों में मौजूद तेल के बड़े टैंकर्स को निशाना बनाया जिससे चारों तरफ आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। जवाब में ईरान ने भी इजराइल के हाइफा रिफाइनरी पर जमकर मिसाइलें दागी हैं, जिससे इजराइली अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है और ईरान को बड़ी चेतावनी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने को कहा है। ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान पर बड़ा हमला होने वाला है और उन्होंने दावा किया कि वे ईरान की हालत नरक से भी खराब कर देंगे। इस धमकी के जवाब में ईरान के रक्षा मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो तेहरान इसका बहुत ही करारा जवाब देगा।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि ताजा हमलों में ईरान को अपूरणीय क्षति हुई है और वे जीत के करीब हैं। नेतन्याहू के अनुसार इजराइली सेना ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे, कमांड सेंटर, हथियार कारखानों और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने दुबई के मरीना स्थित एक टावर पर भी ड्रोन से हमला किया है, जहां एक ऊंची इमारत से धुएं का गुबार उठता देखा गया।
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दोनों देशों के बीच तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना बढ़ गई है। यह युद्ध अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें अमेरिका और अन्य पड़ोसी देशों की भागीदारी भी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। अगर यह संघर्ष जल्द नहीं थमा तो यह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में एक बड़ी मानवीय और आर्थिक त्रासदी का कारण बन सकता है।