होर्मुज स्ट्रेट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

सीजफायर के बाद भी Hormuz Strait पर ईरान का कड़ा शिकंजा, ग्लोबल शिपिंग ठप और तेल बाजार में हड़कंप

Iran Shipping Crisis: सीजफायर के बावजूद ईरान ने Hormuz Strait पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति में दस फीसदी की गिरावट आई है और ग्लोबल शिपिंग पूरी तरह ठप होने से भारी ऊर्जा संकट है।

प्रिया सिंह

Hormuz Strait Global Shipping Crisis: एक नई रिपोर्ट के अनुसार सीजफायर लागू होने के बावजूद ईरान ने Hormuz Strait पर अपना कड़ा शिकंजा कस लिया है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण से ग्लोबल व्यापार और शिपिंग की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा और तेल आपूर्ति भारी संकट का सामना कर रही है। पूरी दुनिया में ईंधन और गैस की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

होर्मुज स्ट्रेट में ठप हुआ ट्रैफिक

ईरान Hormuz Strait को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हुए व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है। इस समुद्री रास्ते से जंग से पहले रोजाना करीब 130 जहाज गुजरते थे लेकिन अब स्थिति बिल्कुल ही बदल गई है। वर्तमान समय में हमलों के डर के कारण कुछ ही दिनों में सिर्फ एक जहाज इस खतरनाक जलमार्ग से गुजर पा रहा है।

जहाजों में सुरक्षा का भारी डर

इस जलमार्ग से गुजरने वाले कई जहाजों ने हमलों के डर से बीच रास्ते से ही वापस मुड़ना शुरू कर दिया है। शिपिंग कंपनियों का सुरक्षित आवाजाही से भरोसा उठ गया है क्योंकि बिना चेतावनी के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि एक रिपोर्ट के अनुसार जंग शुरू होने के बाद से ईरान से जुड़े लगभग 300 से अधिक जहाज सुरक्षित गुजरे हैं।

ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर गहरा असर

Hormuz Strait से पूरी दुनिया की कुल वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 फीसदी महत्वपूर्ण हिस्सा होकर गुजरता है। इस समुद्री मार्ग में आए बड़े व्यवधान के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में करीब 10 फीसदी की भारी कमी दर्ज की गई है। तेल आपूर्ति में कमी के कारण दुनिया भर के बाजारों में ईंधन, गैस और ऊर्जा की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।

शिपिंग की कोई आजादी नहीं

विशेषज्ञों और जानकारों का स्पष्ट रूप से मानना है कि Hormuz Strait में अब शिपिंग की कोई भी आजादी नहीं बची है। किसी भी व्यापारिक जहाज को यहां से सुरक्षित पार होने के लिए अब केवल ईरान की सख्त अनुमति लेना ही जरूरी होता है। जहाजों को अब मुख्य समुद्री लेन के बजाय ईरानी जलक्षेत्र के बहुत करीब से गुजरने के लिए पूरी तरह से मजबूर किया जा रहा है।

अमेरिकी नाकेबंदी का प्रभाव

अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह से काटने के लिए इस समुद्री क्षेत्र में अपनी एक नाकेबंदी लागू की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि कोई भी जहाज सीमा पार नहीं कर पाया लेकिन जानकार मानते हैं कि कुछ जहाज निकल गए। समुद्र में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति काफी सीमित है और जहाजों के लिए कोई बड़े पैमाने पर एस्कॉर्ट सिस्टम मौजूद नहीं है।

ईरान की सौदेबाजी की ताकत

Hormuz Strait पर मजबूत नियंत्रण ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ताओं में सौदेबाजी की एक बहुत बड़ी ताकत दे दी है। अमेरिकी नौसेना और प्रतिबंधों का सामना करने के बावजूद तेहरान ग्लोबल व्यापार को बाधित करने में पूरी तरह सफल रहा है। ईरान की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है जो पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी आर्थिक और कूटनीतिक चिंता का विषय बन गया है।

महाराष्ट्र SIR पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस, मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों पर 5 नवंबर को सुनवाई

सपा का नाम बदलकर समाजवादी यादव परिवार कर ले अखिलेश, कैराना में जमकर बरसे ओवैसी; यूपी की सियासत में मचा घमासान

यह खरगे की नहीं, राहुल की भाषा है, मल्लिकार्जुन के बयान पर संबित पात्रा का पलटवार, BJP-कांग्रेस में छिड़ी बहस

PM मोदी ने 'डियर फ्रेंड' लूला को ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर दी बधाई, बोले- और मजबूत होंगे रिश्ते

जामिया छात्र संघ चुनाव पर छात्रों का अल्टीमेटम, कॉलेज प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप, सामने रखीं 4 मांगें