ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल अहमद वाहिदी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

Iran General Vahidi: कई महीनों बाद ईरान के ताकतवर जनरल वाहिदी खामेनेई के जनाजे की तैयारी में दिखे

Iran General Vahidi: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल अहमद वाहिदी कई महीनों बाद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में दिखे हैं। वह 8 फरवरी के बाद से बिल्कुल भी नजर नहीं आए थे।

प्रिया सिंह

Iran General Vahidi Reappears For Ali Khamenei Funeral: के तहत ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर जनरल अहमद वाहिदी लंबे समय बाद अब सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। उन्हें पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों से जुड़ी एक बैठक में बहुत ही स्पष्ट रूप से देखा गया है।

यह शक्तिशाली सैन्य कमांडर 8 फरवरी के बाद से किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या स्थान पर बिल्कुल भी नहीं दिखाई दिया था। गुरुवार रात को तेहरान के मध्य में खामेनेई के पुराने आवास के पास आयोजित शोक सभा में वे उनके ताबूत के पास बैठे दिखे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई अपने पिता की मौत के बाद से गंभीर सुरक्षा कारणों की वजह से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। जनरल वाहिदी उन गिने-चुने और बेहद खास लोगों में शामिल हैं जिनकी ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई तक सीधी पहुंच है।

वाहिदी उस रणनीतिक टीम के प्रमुख सदस्य हैं जो अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने की बातचीत में ईरान का कड़ा रुख तय कर रही है। ईरान में युद्ध शुरू होने से कई सप्ताह पहले से ही जनरल वाहिदी अचानक सार्वजनिक आयोजनों और कार्यक्रमों से पूरी तरह से गायब हो गए थे।

ट्यूलिप के फूलों से सजा ताबूत

ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में तेहरान स्थित खामेनेई परिसर की हुसैनिया के पास आयोजित यह बड़ी शोक सभा दुनिया को दिखाई गई। इस समारोह में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का पार्थिव शरीर एक सजे हुए ताबूत में ऊंचे मंच पर बड़े सम्मान के साथ रखा गया था।

उनके ताबूत के ठीक सामने लाल रंग के ट्यूलिप के फूल सजाए गए थे और पूरी छत से कागज की सफेद तितलियां लटकाई गई थीं। काले कपड़े पहने शोक मनाने वालों में 2025 के 12 दिन चले युद्ध में अपने परिजनों को खोने वाले बहुत सारे आम लोग शामिल थे।

दरगाह का ऐतिहासिक लाल झंडा

श्रद्धांजलि देने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने अपने स्कार्फ और अन्य जरूरी सामान भारी भीड़ के बीच से ताबूत की ओर उछाले। सहयोगियों ने उन चीजों को ताबूत से स्पर्श कराया जिसे ईरान में श्रद्धा व्यक्त करने की एक बहुत ही पुरानी और पारंपरिक धार्मिक परंपरा माना जाता है।

बाद में जारी तस्वीरों में अली खामेनेई के ताबूत को इराक के करबला स्थित इमाम हुसैन की दरगाह के लाल झंडे से ढका हुआ दिखाया गया। इस पवित्र झंडे पर सफेद रंग के मोटे अक्षरों में 'या हुसैन' लिखा था जो शिया समुदाय में शहादत की याद में खास तौर पर इस्तेमाल होता है।

28 फरवरी के भीषण हमले का सच

कुछ हालिया दावों के अनुसार 28 फरवरी को इजरायल के घातक हवाई हमलों में उनके पिता अली खामेनेई की बहुत ही दर्दनाक मौत हो गई थी। बताया जाता है कि उसी दौरान हुए उन भीषण हवाई हमलों में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी काफी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि युद्ध के उन शुरुआती और भयानक क्षणों में इजरायली हमले में अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। बताया गया है कि जनरल अहमद वाहिदी भी 8 फरवरी के बाद अब पहली बार अंतिम संस्कार के दौरान ही सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं।

कई दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार से अली खामेनेई का यह विशाल अंतिम संस्कार शुरू होगा जो लगातार कई दिनों तक पूरे देश में चलेगा। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी देश इराक के पवित्र स्थानों पर भी दर्शन के लिए ले जाया जाएगा।

अंतिम संस्कार की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला से होगी जिसके लिए प्रशासन ने शहर की कई मुख्य सड़कों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इन श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में देश-विदेश से भारी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है जिससे सामान्य नागरिक गतिविधियां प्रभावित होने की प्रबल संभावना है।

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