

Khyber Pakhtunkhwa Pakistan Police Attack: पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिम प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से हिंसा की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां अज्ञात बंदूकधारियों ने पुलिस की एक रूटीन पेट्रोलिंग टीम को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की है।
इस घात लगाकर किए गए हमले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है,। इस घटना ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह वारदात गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की मोबाइल पेट्रोलिंग टीम अफगान सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहमंद जिले में अपनी नियमित गश्त पर थी।
हमलावरों ने पहले से ही घात लगा रखी थी और जैसे ही पुलिस की वैन लोअर मोहमंद सब-डिविजन के 'मचनी अकरब दाग' इलाके में पहुंची, उन्होंने चारों तरफ से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमलावरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार होने में सफल रहे।
इस हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गोलीबारी में एक एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और एक हेड कॉन्स्टेबल की जान चली गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, पुलिस वैन का ड्राइवर इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ है।
घटना के तुरंत बाद सभी हताहतों को नजदीकी ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत पुलिसकर्मियों के शवों का पंचनामा किया। घायल ड्राइवर की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पेशावर के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
हमले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जिला पुलिस अधिकारी (DPO) रजा मुहम्मद और डीएसपी (DSP) दिलफराज भारी पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा दस्ते के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
खैबर पख्तूनख्वा का यह इलाका लंबे समय से उग्रवाद और हिंसा की चपेट में रहा है। अफगान सीमा से सटे होने के कारण यहां अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता रहा है।
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस हमले के पीछे किसी विशेष आतंकवादी गुट का हाथ है। फिलहाल, पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।