UAE के गैस फील्ड पर ईरान का भीषण ड्रोन हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

दुबई एयरपोर्ट के बाद... UAE के गैस फील्ड पर ईरान का भीषण ड्रोन हमला, अमेरिका और अरब देशों की बढ़ी टेंशन

Iran UAE Attack: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने यूएई के 'शाह' गैस क्षेत्र पर ड्रोन हमला किया है। इस हमले के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और गैस परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है।

अमन उपाध्याय

Iran Drone Attack UAE Shah Gas Field: मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध अब और भी खतरनाक होता जा रहा है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाने के ठीक एक दिन बाद, ईरान ने अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक प्रमुख ऊर्जा ठिकाने पर बड़ा हमला किया है। मंगलवार को ईरान ने यूएई के 'शाह' प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर कई ड्रोन दागे जिससे वहां भीषण आग लग गई।

गैस फील्ड पर हमला और परिचालन ठप

यह हमला सऊदी अरब की सीमा के पास स्थित शाह गैस क्षेत्र पर हुआ है। इस महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र का संचालन 'अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी' (ADNOC) और अमेरिकी कंपनी 'ऑक्सीडेंटल पेट्रोलियम' द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। यूएई सरकार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन हमले के बाद सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में सभी परिचालन पूरी तरह निलंबित कर दिए गए हैं। गनीमत यह रही कि इस हमले में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

युद्ध का 18वां दिन और बढ़ती तबाही

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग का आज 18वां दिन है। ईरान लगातार खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को अपना निशाना बना रहा है। इससे पहले सोमवार को ईरान ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों पर हमला किया था, जिसके कारण घंटों तक उड़ानें बाधित रही थीं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण युद्ध में अब तक 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें करीब 3,100 ईरानी और 850 लेबनानी नागरिक शामिल हैं। इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।

वैश्विक तेल संकट और होर्मुज स्ट्रेट

ईरान और अमेरिका के बीच इस टकराव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। दुनिया की एक-पांचवीं तेल आपूर्ति का मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इसके परिणामस्वरूप ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 40% की वृद्धि है। अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत 3.70 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

डोनाल्ड ट्रंप की अपील और नाटो पर निशाना

संकट गहराता देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों, यूरोप और चीन से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खुलवाने में मदद की अपील की है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कई देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, लेकिन फिलहाल कोई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

उन्होंने नाटो देशों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए भारी खर्च किया, लेकिन अब जरूरत पड़ने पर सहयोग नहीं मिल रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो वे ईरान के 'खार्ग द्वीप' स्थित तेल ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं।

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