Iran US War Hormuz Blockade: ईरान ने मौजूदा संकट को एक बड़े अवसर में बदलते हुए कड़े कदम उठाए हैं। इस नए कदम के तहत ईरान-अमेरिका युद्ध में Hormuz Strait की नाकाबंदी के बीच टोल वसूला जा रहा है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों को अब टैक्स देना होगा। यह नया नियम ईरान की बढ़ती ताकत और समुद्री मार्गों पर उसके कड़े नियंत्रण को दिखाता है।
ईरान के सेंट्रल बैंक ने साफ पुष्टि की है कि उन्हें पहली टोल पेमेंट मिल गई है। यह भुगतान किसी क्रिप्टोकरेंसी में नहीं बल्कि पूरी तरह से नकद रूप में प्राप्त हुआ है। सरकारी मीडिया के अनुसार यह सारा नकद पैसा सीधे ईरान के सेंट्रल बैंक में जमा कराया गया है।
संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजीबाबाई ने कुहदश्त में एक जनसभा में अपनी बात प्रमुखता से रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि Hormuz Strait पर केवल ईरानी जनता का पूरा और जायज अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी बाहरी देश को इस अहम मुद्दे पर बोलने का कोई भी हक नहीं है।
हाजीबाबाई ने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को टैक्स देना ही पड़ेगा। यह ट्रांजिट टोल पूरी तरह से ईरानी रियाल में चुकाया जाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। यह ईरान के सुरक्षित समुद्री क्षेत्र का उपयोग करने के बदले ली जाने वाली एक एकदम सही फीस है।
हाजीबाबाई ने अमेरिका को उसकी आक्रामक नीतियों को लेकर बहुत कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका नहीं सुधरा तो किसी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरान की मजबूत सैन्य ताकत के खौफ से अमेरिका के युद्धपोत 200 किलोमीटर पीछे हट गए हैं।
संसद उपाध्यक्ष ने बताया कि अब तक नियम तोड़ने वाले 2 जहाजों को पकड़ा जा चुका है। जरूरत पड़ने पर ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए यह संख्या और भी बढ़ा सकता है। इस बीच सख्त रोक के बावजूद ईरान ने 1 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल भी यहां से निकाल लिया है।
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Hormuz Strait पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी से होकर गुजरता है। इसके अलावा पूरी दुनिया की 35 प्रतिशत गैस भी इसी अहम रास्ते से होकर ले जाई जाती है।