अमेरिकी तेल टैंकर पर ईरान का भीषण हमला, एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

इराक के पास अमेरिकी तेल टैंकर पर ईरान का भीषण हमला, एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत

Oil Tanker Attack: इराक के पास ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर 'सेफसी विष्णु' पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई। अन्य 15 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा है। 

प्रिया सिंह

Tension In Middle East Sea: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। इराक के पास एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक ने अपनी जान गंवा दी है। मध्य पूर्व समुद्र में तनाव के कारण अब समुद्री रास्तों पर व्यापार करना काफी जोखिम भरा होता जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युद्ध की आग में निर्दोष लोग सबसे ज्यादा पिसते हैं।

हमले का शिकार हुआ अमेरिकी जहाज

इराक के बसरा के पास 11 मार्च को 'सेफसी विष्णु' नामक तेल टैंकर पर खतरनाक हमला किया गया। यह जहाज अमेरिकी स्वामित्व वाला था और मार्शल आइलैंड्स के झंडे के साथ अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में चल रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने विस्फोटक से भरी नावों और प्रोजेक्टाइल का उपयोग करके इस जहाज को निशाना बनाया है। इस हमले के दौरान जहाज पर सवार एक भारतीय क्रू सदस्य की मौके पर ही मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाकी 15 भारतीय सदस्यों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

युद्ध की आग में जलता समुद्री व्यापार

यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका और इजराइल ने करीब दो सप्ताह पहले ईरान पर हवाई हमले किए थे। तब से पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और समुद्री परिवहन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस संघर्ष के जरिए वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बनाना चाहता है।

ईरानी सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि अगर क्षेत्र में सुरक्षा बहाल नहीं हुई तो तेल $200 प्रति बैरल तक जा सकता है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षा का खतरा बढ़ने से पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति संकट में पड़ गई है। अब तक इस विनाशकारी युद्ध में लगभग 2000 लोगों की जान जा चुकी है और नुकसान जारी है।

भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक पहल

इन सबके बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है जो कूटनीति का बड़ा नतीजा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत सफल रही। इस चर्चा के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और तेल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए लिया गया है। हालांकि समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय एजेंसियां और दूतावास अभी भी पूरी तरह अलर्ट पर हैं। युद्ध के इस दौर में अपने नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए सबसे बड़ी और पहली प्राथमिकता बनी हुई है।

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