ईरान युद्ध के 11 दिनों में 11 देशों पर हमले किए (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

जंग के 11वें दिनों में ईरान ने किए 11 देशों पर प्रहार... नए नेतृत्व के साथ बदले की आग में झुलसा मध्य पूर्व

Middle East Conflict: ईरान युद्ध के 11वें दिन खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए 11 देशों पर हमले किए गए। मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में मिसाइल और ड्रोन हमलों से क्षेत्र में भारी तबाही मची है।

प्रिया सिंह

Retaliatory Strikes Across Middle East Nations: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी इस महाजंग ने अब एक अत्यंत विनाशकारी रूप ले लिया है जिससे पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बना हुआ है। मध्य पूर्व के देशों में जवाबी हमले के इस कठिन दौर में अब तक कुल ग्यारह देशों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई ने कमान संभालते ही बदले की कार्रवाई को और भी तेज कर दिया है जो कूटनीतिक हार का संकेत है। वर्तमान में स्थिति इतनी गंभीर है कि अब टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के बीच एक नई चिंताजनक बहस छिड़ गई है।

ग्यारह देशों पर ईरानी प्रहार

युद्ध के ग्यारहवें दिन ईरान ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल सहित कुल ग्यारह पड़ोसी देशों पर मिसाइलें बरसाई हैं। इन हमलों में सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे महत्वपूर्ण देशों के सैन्य अड्डों और नागरिक बुनियादी ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। यूएई ने दावा किया है कि उसने सोमवार को ही सत्रह ईरानी मिसाइलों और छह ड्रोन को अपनी सीमा के भीतर सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है।

जनता और सेना का भारी नुकसान

मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार इस भीषण संघर्ष में अब तक 1200 से अधिक आम नागरिकों की जान जा चुकी है जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि इस जंग की शुरुआत से अब तक उनके भी सात बहादुर सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं जिससे तनाव चरम पर है। इजरायल के रिशोन लेजियोन शहर पर हुए क्लस्टर बम हमलों में तेरह लोगों की मौत और दो हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

आर्थिक चोट और तेल का संकट

ईरान ने जानबूझकर गल्फ देशों की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए उनकी प्रमुख तेल रिफाइनरियों और एयरपोर्ट्स को अपना मुख्य निशाना बनाया है। सऊदी अरब की दिग्गज कंपनी अरामको ने हमलों के डर से अपनी रास तनूरा रिफाइनरी में तेल का उत्पादन फिलहाल पूरी तरह से बंद कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रुकने से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति पर अब एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

परमाणु विकल्प और अंतिम प्रहार

ईरान की 'मोज़ेक स्ट्रैटेजी' के सामने जब अमेरिका के महंगे पैट्रियट मिसाइल सिस्टम फेल होने लगे, तो अब परमाणु विकल्प की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान को बिना शर्त सरेंडर कराने के लिए 'टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन' जैसे कड़े विकल्पों का सहारा ले सकते हैं। हालांकि पूर्व अधिकारियों ने उन्हें सलाह दी है कि इस संभावित तबाही को रोकने के लिए जीत का ऐलान कर कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए।

BIG BREAKING: CJP ने दिया कांग्रेस के 1 नवंबर की महारैली को समर्थन, अभिजीत दिपके ने किया ऐलान

Seva First Innovation: महाराष्ट्र में इनोवेशन चैलेंज की धूम, 7,952 नए विचार पेश; 30 अक्टूबर तक करें आवेदन

MLC Election Results Live: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट

Cyclone Arnab Updates: चक्रवात अर्नब पर NDRF की नजर, जरूरत पड़ने पर चलाया जाएगा एयरलिफ्ट मिशन: NDRF DIG

Vote Bachao Desh Bachao: ठाणे के कांग्रेस सम्मेलन में पहुंचीं MLA शिखा बराला, 1 को दिल्ली में जुटेंगे लोग