सिंधु जल संधि (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि पर गिड़गिड़ाया पाक, भारत बोला- आतंक और पानी साथ नहीं बहेंगे

Indus Waters Treaty: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि रोक दी है। इसके बाद पाकिस्तान अब दुनिया भर में गिड़गिड़ा रहा है। भारतीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान की ये पुरानी आदत है।

प्रिया सिंह

Indus Waters Treaty India Ambassador Slams Pakistan: पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है और काफी परेशान है। भारत ने कड़ा एक्शन लेते हुए ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को रोक दिया है जिससे पाकिस्तान में पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। पानी की किल्लत से परेशान होकर पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर लगातार दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा है।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पाकिस्तान के इस रवैये की बहुत ही कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह जल समझौता सद्भावना और दोस्ती की एक अच्छी भावना के साथ किया गया था। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी लगातार आतंकी हरकतों से इस दोस्ती को खत्म करने में पूरी आधी सदी बिता दी है। भारत के इस सख्त फैसले के बाद पाकिस्तान ने हाल ही में दुनिया का ध्यान खींचने के लिए एक कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया था।

असमान था जल बंटवारा

साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच यह ऐतिहासिक सिंधु जल संधि हुई थी। इस समझौते के तहत सिंधु बेसिन की छह नदियों में से तीन पर भारत का नियंत्रण हुआ था। इससे भारत को बेसिन का लगभग 20 प्रतिशत पानी ही मिलता है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान को उन नदियों के अधिकार मिले जिनसे लगभग 80 प्रतिशत पानी आता है और उसके एक बड़े इलाके की प्यास बुझती है।

भारत ने निभाई अपनी दोस्ती

इस असमान बंटवारे ने दशकों तक उन भारतीय क्षेत्रों में विकास को बुरी तरह से रोका जिन्हें पानी की सख्त जरूरत थी। इतने भारी नुकसान के बावजूद भी भारत ने एक अच्छे पड़ोसी की तरह इस संधि का हमेशा पूरा सम्मान किया। लेकिन पाकिस्तान ने इसके बदले में साल 1965, 1971 और 1999 में भारत के खिलाफ लगातार बड़े युद्ध छेड़े और धोखा दिया। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों और आतंकी साजिशों से कभी भी बाज नहीं आया।

आतंकी हमलों से टूटा सब्र

भारत ने हमेशा शांति चाही लेकिन पाकिस्तान ने दशकों तक लगातार दुश्मनी और सीमा-पार आतंकवाद को ही बढ़ावा दिया। पाकिस्तान ने 2001 में भारतीय संसद पर हमला और 2008 में मुंबई में भयंकर आतंकी हमला करवाया। इसके बाद 2016 में उरी और पठानकोट, 2019 में पुलवामा और 2025 में पहलगाम हमला भी शामिल है। इतने सारे भयंकर आतंकी हमलों के बाद भारत का सब्र पूरी तरह टूट गया और उसने यह कड़ा फैसला लिया।

कुप्रबंधन है मुख्य कारण

क्वात्रा ने साफ कहा कि पाकिस्तान में पानी की भारी कमी इस्लामाबाद सरकार के कुप्रबंधन का ही मुख्य नतीजा है। पाकिस्तान सरकार के लिए बेहतर होगा कि वह भारत पर झूठे दोष मढ़ने के बजाय पानी की समस्या को ठीक करे। पाकिस्तान की हमेशा से यह पुरानी आदत रही है कि वह अपनी हर नाकामी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराता है। अगर पाकिस्तान को भारत का सहयोग चाहिए तो उसे सबसे पहले अपने आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा।

पटियाला में कर्मभूमी एक्सप्रेस में लगी भीषण आग, पंजाब से बिहार जा रही थी ट्रेन

गरीब प्रदूषण नहीं फैलाते... SC ने प्रदूषण पर दिल्ली सरकार को लगाई फटकार, बोले- कोई पाबंदी काम नहीं आएगी

Mini Cooper Crash Case: 3 लोगों को रौंदने वाले आरोपियों को जमानत, HC ने कहा- जनता की भावना से नहीं चलता कानून

UPSC CSE Mains Result जारी, इंटरव्यू राउंड के लिए 2,526 उम्मीदवारों का चयन; 11 नवंबर से ऐसे भर सकेंगे फॉर्म

ठंड के मौसम में दिल्ली में हवा जहरीली क्यों हो जाती है? जानें 5 बड़े कारण