UN में भारत ने पाकिस्तान को लगाई कड़ी फटकार, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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UN में भारत का प्रचंड प्रहार; कश्मीर राग अलापने पर पाकिस्तान को फिर लताड़ा, शहबाज-मुनीर के एजेंडे की निकली हवा

India Pakistan Conflict: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दा उठाने पर कड़ी फटकार लगाई है। भारतीय राजदूत ने इसे मंच का दुरुपयोग बताते हुए कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग करार दिया।

अमन उपाध्याय

Shehbaz Sharif on Kashmir: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एल्डोस मैथ्यू पुन्नूस ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई। दरअसल, इस्लामाबाद के राजदूत ने महासभा के सत्र के दौरान फिर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा छेड़ा था।

इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान पर यूएन के मंचों का बार-बार दुरुपयोग करके अपने 'विभाजनकारी एजेंडे' को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। पुन्नूस ने कहा कि पाकिस्तान की ये टिप्पणियां न केवल अनुचित हैं बल्कि वास्तविकता से भी पूरी तरह कोसों दूर हैं।

कश्मीर भारत का 'अविभाज्य' अंग

भारत ने अपने सख्त लहजे से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर के एजेंडे की हवा निकाल दी। भारत ने दोटूक शब्दों में दोहराया कि कश्मीर भारत का 'अविभाज्य और अभिन्न अंग' है और रहेगा। पुन्नूस ने चेतावनी देते हुए कहा कि स्व-निर्णय के अधिकार का दुरुपयोग बहुलवादी और लोकतांत्रिक राज्यों में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि निराधार आरोपों और झूठ के सहारे पाकिस्तान एक ऐसी तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहा है जो हकीकत में मौजूद ही नहीं है।

ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत

पाकिस्तान को आईना दिखाने के साथ-साथ भारत ने इस मंच का उपयोग 'ग्लोबल साउथ' की चिंताओं को उठाने के लिए किया। पुन्नूस ने जोर देकर कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ग्लोबल साउथ की भावनाओं को ठोस और मूर्त रूप में बदलने की जरूरत है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह हमेशा इन महत्वपूर्ण मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र के हर मंच पर प्रमुखता से आगे लाने का प्रयास करता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता पर सवाल

भारत ने संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता और वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। भारत ने कहा कि जब दुनिया संघर्षों से जूझ रही है तब विश्व नागरिक यूएन से शांति, सुरक्षा, विकास और मानवाधिकारों जैसे तीन मुख्य स्तंभों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। भारत के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मामले में प्रभावी हस्तक्षेप न कर पाने के कारण संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता पर अब सवाल उठने लगे हैं।

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