भारत और ईरान का झंडा (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Hormuz Crisis: भारतीय जहाजों की रिहाई के बदले ईरान ने भारत के सामने रहीं ये मांगें

Hormuz Ship Passage: ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के बदले फरवरी में भारत द्वारा जब्त किए गए अपने तीन तेल टैंकरों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की मांग रखी है।

प्रिया सिंह

India Iran Ship Negotiations: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत और ईरान के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत जारी है। ईरान ने भारत से अनुरोध किया है कि वह फरवरी में अवैध गतिविधियों के आरोप में जब्त किए गए उसके तीन टैंकरों को तुरंत रिहा कर दे। इस जहाज वार्ता के तहत तेहरान ने जहाजों की सुरक्षित निकासी के बदले दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की भी इच्छा जताई है। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में भारत के 22 जहाज और सैकड़ों नाविक मौजूद हैं जिनकी सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद गंभीर और प्रयासरत है।

ईरान की मुख्य मांगें

रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार ईरान ने भारत से उन तीन टैंकरों को छोड़ने का आग्रह किया है जिन्हें भारतीय अधिकारियों ने फरवरी में अपने अधिकार में लिया था। इन टैंकरों की रिहाई को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए चल रही बातचीत का एक प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा तेहरान ने मानवीय आधार पर कुछ विशिष्ट दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की तत्काल आपूर्ति करने की भी मांग भारतीय अधिकारियों के सामने रखी है।

जब्त टैंकरों का विवरण

भारतीय तटरक्षक बल ने 15 फरवरी को 'एस्फाल्ट स्टार', 'अल जाफजिया' और 'स्टेलर रूबी' नामक तीन टैंकरों को अपनी पहचान छिपाने के आरोप में पकड़ा था। इन जहाजों पर समुद्र के भीतर अवैध रूप से जहाज-से-जहाज तेल हस्तांतरण करने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप पुलिस रिपोर्ट में लगाया गया है। वर्तमान में ये तीनों विवादित जहाज मुंबई के तट पर खड़े हैं और इनके सलाहकार जुगविंदर सिंह बराड़ ने किसी भी गलत काम से स्पष्ट इनकार किया है।

भारतीय जहाजों की स्थिति

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सोमवार तक खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और लगभग 611 भारतीय नाविक अभी भी वहां मौजूद हैं। इनमें से छह महत्वपूर्ण जहाजों में रसोई गैस यानी एलपीजी भरी हुई थी जिसे देश में ईंधन की कमी दूर करने के लिए भारत जल्द लाने को उत्सुक है। ईरान पर हमलों की शुरुआत के बाद से इस पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है जिससे जलडमरूमध्य के दोनों ओर समुद्री यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है।

द्विपक्षीय सहयोग और प्रयास

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि हाल की गतिविधियां दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के पुराने इतिहास को दर्शाती हैं। उन्होंने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में इस बात पर जोर दिया कि जहाजों की आवाजाही को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक लेन-देन या 'डील' नहीं हुई है। ईरान ने हाल ही में सद्भावना दिखाते हुए दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी थी जिनमें से एक सफलतापूर्वक भारत लौट आया है।

आर्थिक और मानवीय प्रभाव

भारत के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी खाड़ी क्षेत्र से आता है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग में अब तक तीन भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं और एक नाविक अभी भी लापता बताया जा रहा है। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत ने भी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की है ताकि इन संवेदनशील मुद्दों का जल्द से जल्द कोई शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।

युद्ध का व्यापक असर

फरवरी के अंत से शुरू हुए इस क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है और शिपिंग गतिविधियां बाधित हुई हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा लेकिन भारत के साथ कूटनीतिक बातचीत के लिए उसने अपने दरवाजे हमेशा खुले रखे हैं। भारतीय अधिकारी और विदेश मंत्रालय पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बिना किसी बड़े समझौते के अपने नाविकों और महत्वपूर्ण ईंधन की आपूर्ति को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

ईरान का रुख और भविष्य

ईरान के विदेश मंत्रालय ने रॉयटर्स के सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं। भारतीय पक्ष भी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने के लिए किसी भी प्रकार की हिंसा या हमले का सामना न करना पड़े। दोनों देशों के बीच यह जटिल वार्ता आने वाले दिनों में तेल और गैस की वैश्विक कीमतों तथा क्षेत्रीय सुरक्षा की दिशा निर्धारित करने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।

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