भारत बांग्लादेश, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

भारत का बड़ा एक्शन! पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश पर सख्ती, ढाका से राजनयिक परिवारों की वापसी के आदेश

India Bangladesh Relations: भारत ने सुरक्षा चिंताओं के चलते बांग्लादेश को 'नॉन-फैमिली' पोस्टिंग लिस्ट में डाल दिया है। अब भारतीय राजनयिक वहां अपने परिवार नहीं रख सकेंगे।

अमन उपाध्याय

Dhaka Indian Diplomats: भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक बड़ा और गंभीर मोड़ आया है। भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को 'नॉन-फैमिली डिप्लोमैटिक पोस्टिंग' की श्रेणी में डाल दिया है। इसका सीधा और प्रभावी अर्थ यह है कि बांग्लादेश में तैनात भारतीय राजनयिक और दूतावास के कर्मचारी अब अपनी पत्नी और बच्चों को अपने साथ वहां नहीं रख सकेंगे। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है।

इस कदम के साथ ही बांग्लादेश अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्हें भारत सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानता है। अब तक भारत ने केवल चार देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक और दक्षिण सूडान को ही इस 'नॉन-फैमिली' श्रेणी में रखा था। बांग्लादेश का इस सूची में जुड़ना दोनों देशों के रिश्तों के बीच बढ़ती तल्खी और वहां के सुरक्षा हालातों की गंभीरता को दर्शाता है।

राजनयिकों के परिवारों की वापसी

सूत्रों के अनुसार, यह आदेश मिलते ही बांग्लादेश के विभिन्न शहरों में तैनात भारतीय अधिकारियों ने अपने परिवारों को वापस भेजना शुरू कर दिया है। ढाका, चटगांव, खुलना, सिलहट और राजशाही जैसे शहरों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे 8 जनवरी 2026 तक अपने परिवारों को भारत भेज दें। जिन अधिकारियों के बच्चे वहां के स्थानीय स्कूलों में पढ़ रहे थे उन्हें 7 दिनों की अतिरिक्त रियायत दी गई, जिसके बाद 15 जनवरी तक लगभग सभी परिवार भारत लौट चुके हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर अभी तक कोई सार्वजनिक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

सुरक्षा और आगामी चुनाव बने वजह

विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिकों का मानना है कि इस कड़े फैसले के पीछे पुख्ता 'इंटेलिजेंस इनपुट' और सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। बांग्लादेश में भारत के पूर्व उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती के अनुसार, फरवरी 2026 में होने वाले बांग्लादेश के आम चुनाव से पहले वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो सकता है। एक प्रमुख राजनीतिक दल को चुनाव से बाहर रखे जाने के विवाद के कारण बड़े पैमाने पर हिंसा की आशंका जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में भारत अपने अधिकारियों के परिजनों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।

बढ़ता कूटनीतिक तनाव

पिछले कुछ महीनों से भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक सुरक्षा को लेकर खींचतान जारी है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। दिसंबर 2025 में दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायुक्त के आवास के बाहर हुए प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे जिसे भारत ने खारिज कर दिया था। फिलहाल, यह माना जा रहा है कि यदि चुनाव के बाद बांग्लादेश में स्थिति सामान्य होती है तो भारत अपने इस फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है।

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