कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

भारत-कनाडा रिश्तों में सुधार की उम्मीद: पीएम कार्नी 2026 में करेंगे भारत का दौरा

India-Canada: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पीएम मोदी के निमंत्रण पर 2026 की शुरुआत में भारत आने की सहमति दी है। यह घोषणा दक्षिण अफ्रीका में G20 बैठक के बाद हुई।

प्रिया सिंह

Canada PM Mark Carney Accepts Invitation To Visit India In 2026: भारत और कनाडा के बीच पिछले साल तनावपूर्ण हुए रिश्तों में अब सुधार के संकेत मिल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अगले साल भारत की यात्रा करेंगे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। इस दौरे से व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा। यह कदम दोनों पक्षों द्वारा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए उठाए जा रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री कार्नी का भारत दौरा

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 2026 की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। यह निर्णय दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कार्नी के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्नी को भारत आने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री कार्नी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों ने अपने बिगड़ते रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए हाल के महीनों में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क और विश्वास को बहाल करने में मदद करेगी।

सहयोग और साझेदारी पर जोर

दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्रों में भी गहन सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर बात हुई है। इस दौरान एक महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने पर भी सहमति बनी है। इस समझौते में वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, कृषि, डिजिटल व्यापार और सतत विकास जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। इस तरह का समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है।

उच्च-स्तरीय संपर्क का महत्व

नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच नियमित रूप से उच्च-स्तरीय यात्राएं होना बेहद जरूरी है। इसमें मंत्रियों और व्यापारी समुदाय के बीच भी पारस्परिक दौरे शामिल होंगे, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग बढ़ेगा। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने दोनों देशों के बीच कानून लागू करने (Law Enforcement) को लेकर हो रही बातचीत में प्रगति का भी स्वागत किया, जो सुरक्षा और कानूनी मामलों में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है।

बिगड़ते रिश्तों में सुधार

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भारत-कनाडा के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। यह तनाव तब पैदा हुआ था जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका’ बताकर सिरे से खारिज कर दिया था। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों ने अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री कार्नी की आगामी यात्रा इसी दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है, जिससे उम्मीद है कि दोनों देशों के संबंध पूरी तरह से पटरी पर लौट आएंगे।

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