हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम (सोर्स- सोशल मीडिया)  
विदेश

...तो नहीं होता सीजफायर, होर्मुज बंद होते ही घुटनों पर आए US-इजरायल, हिजबुल्लाह चीफ ने ईरान को बोला शुक्रिया

Israel-Hezbollah Ceasefire: हिजबुल्लाह प्रमुख शेख नईम कासिम ने इजरायल के साथ हुए सीजफायर का श्रेय ईरान को दिया है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी ने अमेरिका को झुकने पर मजबूर किया।

अक्षय साहू

Hezbollah Chief Thanks to Iran: मिडल ईस्‍ट में तनाव के बीच इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर हो गया है। हालांकि इस शांति समझौते को लेकर एक नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। दरअसल हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने इसका श्रेय ईरान को दिया है। हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने ईरान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को बंद न किया जाता, तो अमेरिका और इजरायल युद्धविराम पर सहमत नहीं होते, और लेबनान पर हमले जारी रहते।

शेख कासिम ने अल जजीरा को दिए एक बयान में कहा कि, "ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से अमेरिका और इजरायल को लेबनान में युद्धविराम स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के समर्थन के बिना, इजरायली आक्रामकता को रोकना संभव नहीं था। कासिम ने युद्ध के मैदान में ईरान की भूमिका को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, "अगर ईरान यह कदम नहीं उठाता, तो लेबनान पर हमले जारी रहते।"

इजरायल की सारी प्लानिंग फेल: शेख कासिम

शेख कासिम ने कहा, "युद्धक्षेत्र ने साबित कर दिया है कि वही अंतिम निर्णायक होता है। हमारी सफल राजनीतिक रणनीतियां इजरायली दुश्मन को लेबनान के अधिकारों को स्वीकार करने के लिए मजबूर करने में सफल रही।" उन्होंने कहा कि दक्षिणी मोर्चे पर हिजबुल्लाह (Hezbollah) के लड़ाकों के प्रतिरोध के बिना अस्थायी युद्धविराम प्राप्त करना संभव नहीं होता। कासिम का दावा है कि इजरायल अपनी योजना के अनुसार पहले सप्ताह में, और 45 दिनों के युद्ध के बाद लिटानी नदी तक नहीं पहुंच सका। "उनकी सारी प्‍लानिंग फेल हो गई," कासिम ने कहा।

होर्मुज पर ईरान की पकड़ मजबूत

ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक युद्ध पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं होती, तब तक वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) ने घोषणा की कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और नियंत्रण बनाए रखेगा, जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति नहीं आ जाती।

ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने शनिवार को यह घोषणा की कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी के कारण होर्मुज स्ट्रेट पर फिर से सख्त नियंत्रण लागू किया जा रहा है। SNSC ने बताया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से जानकारी मांगी जाएगी, और उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा, और जहाजों की आवाजाही को ईरानी युद्धकालीन नियमों और व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर ईरान का प्रभाव

होर्मुज स्ट्रेट जो वैश्विक तेल व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है, पर ईरान का बढ़ता सैन्य नियंत्रण एक नई जटिलता उत्पन्न कर सकता है। ईरान का यह कदम न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शक्ति समीकरणों में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। यह स्थिति न केवल खाड़ी क्षेत्र के देशों के लिए, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चिंता का कारण बन सकती है।

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