डोनाल्ड ट्रंप, फोटो ( सो. सोशल मीडिया ) 
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घर जाओ और डॉलर पाओ! ट्रंप प्रशासन का चौंकाने वाला प्रस्ताव, अमेरिका की इस योजना ने मचाई हलचल

US news: ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि जो अवैध प्रवासी अपनी इच्छा से अमेरिका छोड़ देंगे, उन्हें 1000 डॉलर की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें गिरफ्तार भी नहीं किया जाएगा।

अमन उपाध्याय

वांशिगटन: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ी घोषणा की है कि जो अप्रवासी अवैध रूप से देश में रह रहे हैं और स्वेच्छा से अपने वतन लौटना चाहते हैं, तो उन्हें 1,000 अमेरिकी डॉलर की राशि दी जाएगी। गृह सुरक्षा विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सरकार उनकी यात्रा में भी मदद करेगी। इसके लिए प्रवासियों को 'CBP One' नामक मोबाइल ऐप के जरिए सूचित करना होगा कि वे स्वदेश लौटने का इरादा रखते हैं, जिसके बाद सरकार उनके देश वापसी की व्यवस्था करेगी।

गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि नए ऐप के जरिए स्वयं निर्वासन (डिपोर्ट) की प्रक्रिया अपनाने से विदेशियों को वापस भेजने में आने वाली लागत में लगभग 70 प्रतिशत तक की बचत होगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल एक अवैध प्रवासी को पकड़ने, हिरासत में रखने और उसके देश वापस भेजने में औसतन 17,121 डॉलर खर्च होते हैं।

'सुरक्षित और सस्ता विकल्प'

ट्रंप प्रशासन की इस नई पहल पर टिप्पणी करते हुए होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा, "अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं, तो गिरफ्तारी से बचने और देश छोड़ने का सबसे बेहतर, सुरक्षित और किफायती तरीका यही है कि आप स्वयं को निर्वासित करने की प्रक्रिया अपनाएं।"

अवैध प्रवासियों के प्रति काफी कठोर रुख

हाल ही में मिशिगन में आयोजित एक रैली में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि उनके कार्यकाल के शुरुआती 100 दिन अमेरिका के इतिहास में किसी भी अन्य राष्ट्रपति के मुकाबले सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रमुख उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए अवैध प्रवासियों के मुद्दे को भी उठाया। राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ट्रंप अवैध प्रवासियों के प्रति काफी कठोर रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिका ने भारत समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार में अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को एक प्रमुख मुद्दा बनाया था। पद संभालते ही उन्होंने इन प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सरकार ने कई देशों के नागरिकों को विमान से उनके मूल देशों में वापस भेजा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का यह कदम बेहद खर्चीला और संसाधनों पर भारी साबित हुआ। इससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है, जिस कारण अब ट्रंप प्रशासन अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए वैकल्पिक उपायों की तलाश कर रहा है।

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