2025 में Gen-Z दुनिया भर में चर्चा में रहा (डिजाइन) 
विदेश

Year Ender 2025: इस साल दुनिया ने देखा Gen-Z का रूप... जानें किस देश में खुश और कहां सबसे नाराज?

Year Ender 2025 World: 2025 में Gen-Z दुनिया भर में चर्चा में रहा। नेपाल में राजनीतिक बदलाव, वहीं लिथुआनिया और फिनलैंड में युवा सबसे खुश मिले। भ्रष्टाचार, नौकरी और मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी चिंता है।

प्रिया सिंह

Gen-Z in 2025: साल 2025 में जेन-जी (Gen Z) यानी 1990 के दशक के अंत से 2010 के दशक की शुरुआत में जन्मी पीढ़ी, दुनिया भर में सुर्खियों में रही। कहीं वे अपनी सक्रियता से सत्ता परिवर्तन का कारण बने, तो कहीं आर्थिक और मानसिक चुनौतियों से जूझते नजर आए। इस डिजिटल-नेटिव पीढ़ी की खुशी और नाराजगी को समझना आज के समाज के लिए महत्वपूर्ण है। आइए, जानते हैं कि 2025 में दुनिया के किस हिस्से में Gen Z सबसे ज्यादा खुश है और कहां सबसे ज्यादा नाराज।

Gen Z- एक वैश्विक शक्ति

साल 2025 में Gen Z ने खुद को केवल उपभोक्ता या सोशल मीडिया यूजर तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरे। नेपाल में भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। यह घटनाक्रम दुनिया के सामने एक संदेश था कि इस पीढ़ी को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत जैसे देशों में, यह पीढ़ी डिजिटल क्रांति और उपभोक्ता शक्ति को नई दिशा दे रही है। उनकी पहचान केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, वे अपने मूल्यों, जैसे सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) और सामाजिक न्याय को अपने पहनावे, यात्रा और जीवनशैली में दर्शाते हैं।

सर्वाधिक खुश Gen-Z वाले देश

वर्ष 2025 के विभिन्न वैश्विक सूचकांकों और सर्वे के अनुसार, कुछ यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी देश Gen-Z के लिए सबसे खुशहाल साबित हुए।

  • लिथुआनिया (Lithuania): वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स की रिपोर्टों में, छोटे यूरोपीय देश लिथुआनिया की युवा पीढ़ी को सबसे संतुष्ट और खुशहाल बताया गया है। सोवियत संघ से टूटकर आजाद हुआ यह देश युवाओं को बेहतरीन शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
  • नॉर्डिक देश (Nordic Countries): फिनलैंड, डेनमार्क, स्वीडन और आइसलैंड जैसे देश लगातार शीर्ष पर बने रहे। यहां की मजबूत सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता (अक्सर मुफ्त या कम फीस पर) और राजनीतिक स्थिरता Gen Z की खुशी की मुख्य वजहें हैं।
  • अन्य खुशहाल क्षेत्र: कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स भी Gen Z के बीच खुशी के उच्च स्तर के लिए जाने जाते हैं। यहां का खुला माहौल और जीवनशैली विकल्प उनकी खुशी को बढ़ाते हैं।

इन देशों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुली चर्चा और सहायता की उपलब्धता भी युवाओं को तनाव से निपटने में मदद करती है, जिससे उनकी समग्र संतुष्टि का स्तर हाई रहता है।

सबसे ज्यादा नाराज और चिंतित Gen-Z

खुशी के विपरीत, दुनिया के कुछ हिस्सों में Gen-Z अत्यधिक निराशा और आक्रोश से घिरा हुआ मिला।

  • नेपाल और विरोध प्रदर्शन वाले देश: नेपाल का राजनीतिक उथल-पुथल Gen-Z के आक्रोश का सबसे बड़ा उदाहरण था। भ्रष्टाचार, खराब नौकरी के अवसर और राजनीतिक अभिजात वर्ग की मनमानी ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया। वेनेजुएला, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, तिमोर-लेस्ते, मालदीव, बांग्लादेश, थाईलैंड, हांगकांग, श्रीलंका, मेडागास्कर और मैक्सिको जैसे राजनीतिक रूप से अस्थिर और आर्थिक संकट से जूझ रहे देशों में भी युवाओं में निराशा का स्तर बहुत ऊंचा है।
  • वैश्विक चिंताएं: ग्लोबस्कैन की 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में Gen-Z की सबसे बड़ी चिंताएं भ्रष्टाचार (Corruption), आर्थिक असमानता (Economic Inequality) और युवा बेरोजगारी (Youth Unemployment) हैं। वे मानते हैं कि पुरानी पीढ़ी की तुलना में उन्हें टूटी हुई व्यवस्थाओं में काम करना पड़ रहा है, जहां सुधार के वादे पूरे नहीं होते।

मानसिक स्वास्थ्य की चुनौती

Deloitte और UNICEF जैसी संस्थाओं के सर्वे में यह बात सामने आई कि Gen Z में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) संबंधी चुनौतियां सबसे बड़ी हैं।

  • तनाव और चिंता: लगभग एक-तिहाई Gen Z ने नियमित रूप से तनाव या चिंता महसूस करने की बात कही, जिसका एक बड़ा कारण नौकरी, आर्थिक असुरक्षा और सोशल मीडिया पर खबरें (News) का भारीपन है।
  • काम का दबाव: काम का माहौल भी तनाव का एक मुख्य कारण है, जहां लंबे कामकाजी घंटे और कार्यस्थल पर समस्याओं को खुलकर न बोल पाने का डर उन्हें सताता है।

Gen-Z की उम्मीदें और भविष्य

नाराजगी और चिंताओं के बावजूद, Gen-Z भविष्य के लिए एक मजबूत उम्मीद और संकल्प भी रखता है। वे AI और नई तकनीकों को अपनाने में सबसे आगे हैं और गेमिंग को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक संपर्क (Social Interaction) का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।

वे चाहते हैं कि समाज, व्यवसाय और सरकारें उनके मूल्यों- जैसे प्रामाणिकता, समावेशिता और स्थिरता को गंभीरता से लें। उनका यह रुख 2026 और उसके बाद भी दुनिया की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दिशा को प्रभावित करता रहेगा।

सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका...तो भड़के अमित शाह, चित्तौड़गढ़ से ललकारा, FIR हुई दर्ज- VIDEO

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

15 अगस्त की सुबह लाल किला जाने से पहले किससे मिले थे PM मोदी? इंस्टा पर शेयर किया ये खास लम्हा, देखें VIDEO

दिमागी नक्सल पर सियासी घमासान, पीएम मोदी के बयान पर चिदंबरम का तीखा पलटवार

मैं टेंडर कमेटी में नहीं था, मरने से पहले आशीष बनर्जी का खुलासा, सुसाइड नोट में लिखा- मेरी सबसे बड़ी गलती...