जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक ने की हूती हमलों की निंदा सोर्स-IANS
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Houthi Attacks: G7 ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की, ईरान से हथियार आपूर्ति रोकने की अपील

G7 Foreign Ministers Meeting: G7 देशों ने हूती हमलों की कड़ी निंदा करते हुए ईरान से हथियार आपूर्ति रोकने की अपील की। संयुक्त बयान में लाल सागर और वैश्विक व्यापार पर चिंता जताई गई।

करुणा नंद शाहवाल

Iran Houthi Weapons: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) से इतर हुई बैठक में जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। संयुक्त बयान में ईरान से हूती समूह को हथियार उपलब्ध कराना बंद करने की अपील की गई।

मंत्रियों ने कहा कि यमन के हालात क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। साथ ही हूती से सभी सैन्य कार्रवाई और नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोककर राजनीतिक प्रक्रिया में लौटने का आग्रह किया गया।

UNGA बैठक से पहले G7 का संयुक्त बयान

न्यूयॉर्क में यूएन जनरल असेंबली से इतर हुई बैठक के बाद मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यमन के हालात क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए एक ऐसा खतरा हैं जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हाल के दिनों में हजारों शरणार्थी यमन से भाग गए हैं। ऐसा तब हुआ जब कथित ईरान-समर्थित समूह ने देश के लाल सागर तट के साथ-साथ बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के पास के इलाकों पर कब्जा कर लिया, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

हूती से हमला बंद करने की अपील

यह बयान न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की वार्षिक बैठक से पहले आया है, जिसमें ईरान भी अपना पक्ष रखने वाला है।

अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूके के विदेश मंत्रियों ने कहा, हम हूती से अपील करते हैं कि वे तुरंत सभी सैन्य कार्रवाई, नागरिक जहाजों के खिलाफ सभी धमकियां और हमले बंद करें और ईमानदारी से राजनीतिक प्रक्रिया में लौटें।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नुकसान पहुंचने का खतरा

बयान में आगे कहा गया उनकी निंदनीय हरकतें तनाव बढ़ने का एक खतरनाक पैटर्न बनाती हैं, जिससे संघर्ष बढ़ सकता है, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नुकसान पहुंच सकता है और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।

मंत्रियों ने कहा, आगे भी हम यमन की वैध सरकार का समर्थन करना जारी रखेंगे और यमन की एकता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक सुरक्षा पर भी दिया जोर

इसके साथ ही समूह नेवैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में लंबे समय तक बने रहने वाले व्यवधानों को रोकने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया है।

समूह के अनुसार, विश्व अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भरोसेमंद और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

जाने कितने देश शामिल हैं G7 में?

बता दें कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जी7 समूह का हिस्सा हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ (ईयू) जी7 की बैठकों में प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन वह जी7 का अलग से सातवां/आठवां देश नहीं है।

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