शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद, कोर्ट ने ठुकराई सजा कम करने की अपील; 3 साल बाद जापानी अदालत का बड़ा फैसला

Shinzo Abe News In Hindi: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मामले में आरोपी तेत्सुया यामागामी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आरोपी की 20 साल की सजा वाली अपील ठुकरा दी।

अमन उपाध्याय

Shinzo Abe Assassination Verdict:  जापान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी तेत्सुया यामागामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्थानीय समाचार चैनल NHK के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को नारा जिला अदालत ने यह फैसला दिया।

45 वर्षीय यामागामी ने अक्टूबर 2024 में शुरू हुए ट्रायल के दौरान ही अपना जुर्म कबूल कर लिया था। बचाव पक्ष ने अदालत से सजा को 20 साल तक सीमित रखने की गुहार लगाई थी लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया।

कब हुई थी शिंजो आबे की हत्या?

यह घटना 8 जुलाई 2022 की है जब शिंजो आबे पश्चिमी जापान के नारा शहर में एक रेलवे स्टेशन के बाहर चुनाव प्रचार के लिए भाषण दे रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और टीवी फुटेज के अनुसार, अचानक दो गोलियों की आवाज सुनाई दी और आबे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी शर्ट खून से लाल हो गई थी और अधिकारियों के अनुसार उनकी मौत तुरंत हो गई थी। पुलिस ने हमलावर तेत्सुया यामागामी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। इस हत्याकांड ने न केवल जापान बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया था।

हत्या के पीछे क्या थी वजह?

ट्रायल के दौरान यामागामी ने खुलासा किया कि उसने शिंजो आबे की हत्या किसी निजी रंजिश या राजनीतिक विचारधारा के कारण नहीं की थी। आरोपी ने बताया कि वह एक दक्षिण कोरियाई चर्च से नफरत करता था और उसे भारी नुकसान पहुंचाना चाहता था। उसका मानना था कि आबे इस चर्च के राजनीतिक रिश्तों के सबसे बड़े प्रतीक थे। यामागामी ने अदालत में कहा कि उसने आबे को एक वीडियो मैसेज के कारण निशाना बनाया जिसमें पूर्व पीएम ने उस चर्च का समर्थन किया था। दिलचस्प बात यह है कि आरोपी का असली मकसद चर्च के किसी बड़े नेता को मारना था लेकिन उन तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण उसने शिंजो आबे को निशाना बनाया।

राजनीतिक और सामाजिक असर

इस हत्याकांड के बाद जापान की राजनीति में बड़ा भूचाल आया। सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और विवादित चर्च के बीच पुराने और नजदीकी रिश्तों का पर्दाफाश हुआ। जनता के भारी दबाव के बाद पार्टी ने चर्च से दूरी बनाई।

सरकारी जांच के बाद अदालत ने चर्च की जापानी शाखा से न केवल टैक्स छूट का दर्जा छीन लिया बल्कि उसे भंग करने का भी आदेश दिया। यामागामी ने सुनवाई के दौरान शिंजो आबे की पत्नी, अकीए आबे से माफी मांगी और स्पष्ट किया कि परिवार के प्रति उनका कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं था।

BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक शुरू, PM मोदी-पुतिन और पेजेशकियान भी मौजूद

BRICS बैठक से पहले पूर्व विदेश सलमान खुर्शीद का बयान, दुनिया की बड़ी चुनौतियों से निपटने की दी सलाह

BRICS बैठक से पहले पीएम मोदी का एक्स पोस्ट, आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर साधा निशाना; 9/11 हमले के 25 साल पूरे

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की बैठक, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

डूसू चुनाव 2026: ABVP और NSUI ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, जानें किसके बीच है टक्कर