ओमानी को-पायलट ने अकेली रची थी आतंकी साजिश (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

फ्लाईदुबई हमले में बड़ा खुलासा, को-पायलट हमाम ने अकेले रची थी आतंकी साजिश, ओमान में पहले भी लगा था बैन

Flydubai Attack: इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार को-पायलट ने अकेले ही इस आतंकी हमले को अंजाम दिया।

अक्षय साहू

Fly Dubai Incident: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने वाले  और प्लान को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले को-पायलट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी मीडिया ने इजरायली सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि को-पायलट ने कथित आतंकी हमले को संभवता: अकेल की अंजाम दिया। 

रविवार को सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में जांच से जुड़े अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई। हालांकि, हमले के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां अभी भी छानबीन कर रही हैं। हमले के आरोपी सह-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के तौर पर बताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।

ओमान ने लगाया गया था बैन

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी को कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण पहले ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर ओमान में उसके उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तो फिर उसे फ्लाईदुबई में नौकरी कैसे मिल गई।

अधिकारियों ने इसे कंपनी की एक बड़ी चूक बताया है। इसके अलावा 1985 के बाद इजरायली विमानन सुरक्षा नियम के तहत कोई भी देश जो इजरायल को मान्यता नहीं देता है उसका पायलट का देश में आने पर प्रतिबंध था। लेकिन इसके बाद भी हमाम अल-हमामी उस प्लेन का को-पायलट था जो दुबई से तेल अवीव आ रही थी।

क्या को-पायलट ने अकेले किया हमला?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इजरायली अधिकारी ने जांच से मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर कहा है कि संदिग्ध ने संभवतः अकेले ही इस हमले को अंजाम दिया। एक अन्य इजरायली सूत्र ने बताया कि फिलहाल ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे आरोपी के किसी संगठन या सरकार से संबंध होने का पता चलता हो।

हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आकलन जांच के मौजूदा चरण में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और इसमें बदलाव संभव है। CBS News ने भी इजरायल की शुरुआती जांच का हवाला देते हुए बताया कि विमान को कथित तौर पर हाईजैक करने की कोशिश एक 'लोन-वुल्फ' हमले का मामला हो सकती है। जांच एजेंसियां फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही हैं और हमले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है।

फ्लाईदुबई फ्लाइट 737 के मुख्य पायलट स्मित मच्छार

UAE, इजरायल और सऊदी अरब कर रहे जांच

इस पूरे मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल की एजेंसियां कर रही हैं। जिस जगह विमान की आपात लैंडिंग कराई गई थी, वहां के अधिकारियों के अलावा सऊदी अरब का गृह मंत्रालय भी जांच में शामिल है।

यूएई ने शनिवार को कहा था कि उसकी शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि सह-पायलट ने 'आतंकवादी कृत्य' को अंजाम देने की कोशिश की थी।

इजरायली नागरिकों से भरे प्लेन में आतंकी घटना

बुधवार, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला हुआ था। फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर मच्छार पर हमला किया, जिससे भारतीय कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। मच्छार ने घायल होने के बावजूद वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। यात्री कॉकपिट में गए और संदिग्ध को काबू करने में मदद की।

विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस उड़ान में 182 लोग सवार थे। UAE इस घटना की जांच कर रही है। सरकारी वकील घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मकसद की जांच कर रहे हैं। वे यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस हमले में कोई आतंकी गतिविधि या पहले से की गई कोई योजना शामिल थी।

आतंकी को-पायलट का ऑस्ट्रेलिया से रिश्ता

इस मामले की जांच अब ऑस्ट्रेलिया तक भी पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस कथित आरोपी अल-हमामी के ऑस्ट्रेलिया से जुड़े रिकॉर्ड और वहां उसके संबंधों की जांच कर रही है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-हमामी को 2014 में छात्र वीजा मिला था और उसने 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की थी। बाद में 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया।

ABC की रिपोर्ट के अनुसार, उसका वीजा किसी चरित्र संबंधी वजह से रद्द नहीं हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके पढ़ाई में नामांकित नहीं रहने के कारण वीजा रद्द किया गया था। फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के मकसद, आरोपी के संभावित संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

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