पाम बॉन्डी और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

Explainer: पाम बोंडी की छुट्टी और टॉड ब्लैंच की एंट्री; आखिर ट्रंप ने क्यों बदला अपना अटॉर्नी जनरल?

डोनाल्ड ट्रंप ने Attorney General Pam Bondi को उनके पद से हटा दिया है और टॉड ब्लैंच को को इस पद पर बैठा दिया है। जानें ट्रंप के इस कदम से अमेरिका के न्यायिक प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

अमन उपाध्याय

Trump Fires Attorney General Pam Bondi: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को उनके पद से हटा दिया है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि बोंडी अब निजी क्षेत्र में एक नई भूमिका निभाएंगी। बोंडी की जगह ट्रंप ने अपने पूर्व आपराधिक बचाव वकील और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच को एक्टिंग अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया है।

बर्खास्तगी के पीछे के मुख्य कारण

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप पाम बोंडी के प्रदर्शन से खुश नहीं थे। इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई में विफलता: डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि जस्टिस विभाग उन लोगों के खिलाफ अधिक आक्रामक कार्रवाई करे जिन्होंने उनके अनुसार कानून तोड़ा है या उन्हें नुकसान पहुंचाया है। पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी से जुड़ा मामला कोर्ट में टिक नहीं पाया जिससे व्हाइट हाउस में नाराजगी थी।

एपस्टीन फाइल्स का विवाद: पाम बोंडी के कार्यकाल में 'एपस्टीन फाइल्स' का मुद्दा एक बड़ी राजनीतिक समस्या बन गया था। उन पर इन फाइलों को सार्वजनिक करने में पारदर्शिता की कमी और पीड़ितों की जानकारी सुरक्षित न रख पाने के आरोप लगे थे।

कौन हैं नए अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच?

टॉड ब्लैंच ट्रंप के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं। जस्टिस विभाग में आने से पहले वे ट्रंप के निजी वकील रह चुके हैं और उन्होंने न्यूयॉर्क 'हश मनी' केस (Hush money case) सहित कई महत्वपूर्ण मामलों में ट्रंप का बचाव किया है। पद संभालते ही ब्लैंच ने कहा कि उनका विभाग कानून लागू करने और अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

क्या होगी अगली चुनौती?

हालांकि पाम बोंडी ने पद छोड़ दिया है लेकिन उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। उन्हें 14 अप्रैल को हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने समन किया गया है, जहां उन्हें एपस्टीन फाइल के मामले से जुड़े दस्तावेजों की हैंडलिंग पर शपथ के साथ जवाब देना होगा। इस बीच, ट्रंप स्थायी अटॉर्नी जनरल के रूप में ईपीए प्रशासक ली ज़ेल्डिन के नाम पर भी विचार कर रहे हैं।

क्या है पीड़ितों की प्रतिक्रिया?

एपस्टीन पीड़ितों की वकील ग्लोरिया ऑलरेड ने बोंडी की विदाई को देर से लिया गया सही फैसला बताया। वहीं, सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप जस्टिस विभाग को अपने राजनीतिक दुश्मनों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं।

INDIA गठबंधन का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की हो रही मांग

India By Election 2026 LIVE: कानून तोड़ने के कारण हुमायूं कबीर को हिरासत में ले लिया गया: पश्चिम बंगाल पुलिस

बीजेपी के निशाने पर इंडिया ब्लॉक का मार्च, संबित पात्रा ने कहा- अराजकता फैला रही है कांग्रेस

इंडिया गठबंधन का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रण! इस्तीफे की मांग के साथ निर्वाचन सदन पर हल्ला-बोल

Weather Alert: दिल्ली से बिहार और यूपी तक बदलेगा मौसम, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी की चेतावनी