ट्रेन हादसे के बाद की फोटो।  सोर्स: सोशल मीडिया
विदेश

स्पेन में 68 लोगों के मौत का जिम्मेदार कौन? रेलवे का खराब सिस्टम या मानवीय भूल

Spanish Train Collision: स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर में 68 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल हुए। लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन आगे बढ़ने से रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।

अमन कुमार पाण्डेय

Highlights:

  • स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर में 68 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल।

  • लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन आगे बढ़ने से हादसे की आशंका, जांच जारी।

  • प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।

Who is Responsible Deaths of 68 people in Spanish: स्पेन की राजधानी मैड्रिड के दक्षिण में बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह दो हाईस्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे में दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दुर्घटना को स्पेन के इतिहास का चौथा सबसे घातक रेल हादसा बताया जा रहा है। इस साल देश में यह दूसरी बड़ी रेल दुर्घटना है।

हादसे के बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा, “आज पूरा स्पेन शोक में है।” दुर्घटना के कारण बुधवार को होने वाले कोपा डेल रे फुटबॉल टूर्नामेंट के सभी 24 मुकाबले भी स्थगित कर दिए गए।

लाल सिग्नल के बावजूद आगे बढ़ी ट्रेन

यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे टोलेडो प्रांत में मोरा और ऑर्गाज कस्बों के बीच मैड्रिड-अंडालूसिया रेल मार्ग पर हुई। स्पेन की सरकारी रेल कंपनी रेनेफे की हाईस्पीड ट्रेन ने पटरी पर खड़ी इरियो ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी। बताया गया कि इरियो ट्रेन लाल सिग्नल के कारण रुकी हुई थी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि रेनेफे ट्रेन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इरियो ट्रेन के पिछले तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से दो पलट गए। कुछ डिब्बे ढलान पर भी जा गिरे।

क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता एस्थर पडिला के अनुसार, दोनों ट्रेनों में कुल 544 यात्री सवार थे। इरियो की ट्रेन में 147 यात्री थे, जिनमें एक शिशु भी शामिल था। वहीं, रेनेफे की ट्रेन में 397 लोग यात्रा कर रहे थे।

यात्रियों ने बताया हादसे का खौफनाक मंजर

हादसे में बचने वाले यात्रियों ने टक्कर के दौरान हुए भयावह अनुभव साझा किए। 25 वर्षीय योआंदर ने सीएनएन को बताया कि वह सो रहा था। जब उसकी आंख खुली तो वह सामने की सीट से टकरा चुका था। उसके चेहरे और पैर में चोट आई थी। उसने कहा कि उसे दर्द हो रहा था, लेकिन कई अन्य लोगों को उससे ज्यादा मदद की जरूरत थी।

पेरू के 37 वर्षीय पर्यटक जोसिमार मदीना ने बताया कि वह मैड्रिड से सेविले जा रही ट्रेन में सो रहा था। अचानक वह हवा में उछलकर डिब्बे के अंदर जा गिरा। उसने अपनी प्रेमिका को भी हवा में उछलते देखा। मदीना के मुताबिक, दुर्घटना के बाद कई यात्री खून से लथपथ थे और कुछ लोगों के अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।

स्पेनिश पत्रकार रॉबर्टो गोमेज भी रेनेफे की ट्रेन में सवार थे। उन्होंने कहा कि टक्कर का असर बेहद भयानक था। डिब्बा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और यात्रियों का सामान चारों तरफ बिखरा पड़ा था।

एक अन्य यात्री राफेल बार्सेलो ने बताया कि टक्कर के दौरान सभी लोग हवा में उछल गए। उन्हें माथे पर चोट आई, लेकिन वह बच गए।

मौके पर राहत और बचाव का काम जारी।

कंप्यूटर सिस्टम की खराबी से जुड़ रहे हादसे के तार

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के मुताबिक, रेल मार्ग के 63 किलोमीटर लंबे हिस्से में कंप्यूटर सिस्टम की खराबी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसके चलते उस क्षेत्र में ट्रेनों को स्वचालित रूप से रोक दिया गया।

इसके बाद रेलवे नेटवर्क का प्रबंधन करने वाली सरकारी कंपनी अदिफ ने परिचालन का नियंत्रण मैन्युअल तरीके से संभाला। आरोप है कि कंट्रोल सेंटर के ऑपरेटरों ने लाल सिग्नल होने के बावजूद रेनेफे ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी।

परिवहन मंत्री ने इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि परिस्थितियों में ट्रेन परिचालन दोबारा शुरू करने का निर्णय समझ से परे था। हालांकि, कंप्यूटर सिस्टम में खराबी किस वजह से आई, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

स्पेन की सिविल गार्ड और रेलवे दुर्घटना जांच आयोग ने हादसे के समय कंट्रोल सेंटर में तैनात ऑपरेटर से पूछताछ शुरू की है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। उर्दा के आसपास के स्थानीय निवासियों ने भी बचाव कार्य में मदद की। स्थानीय खेल परिसर को दुर्घटना में बचे लोगों के लिए सहायता केंद्र बनाया गया, जबकि प्राथमिक स्कूल में पीड़ितों के परिजनों के लिए व्यवस्था की गई।

प्रधानमंत्री सांचेज ने कहा कि सरकार दुर्घटना की असली वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्पेन के शाही परिवार ने भी मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।

इस साल पहले भी हुए रेल हादसे

स्पेन में जनवरी में भी एक बड़ा रेल हादसा हुआ था। 18 जनवरी को अदामुज के पास इरियो ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए थे और दूसरी दिशा से आ रही रेनेफे ट्रेन उनसे टकरा गई थी। उस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में रेल पटरी में दरार होने की आशंका जताई गई थी।

इसके दो दिन बाद, 20 जनवरी को बार्सिलोना के पास गेलिडा में भारी बारिश के दौरान एक दीवार रेलवे ट्रैक पर गिर गई थी। इससे एक यात्री ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 41 लोग घायल हुए थे।

इससे पहले 2013 में सैंटियागो डी कॉम्पोस्टेला के पास हाईस्पीड ट्रेन पटरी से उतर गई थी। उस हादसे में 80 लोगों की मौत हुई थी और 145 लोग घायल हुए थे। जांच में तेज रफ्तार और चालक का फोन कॉल से ध्यान भटकना दुर्घटना के कारणों में शामिल पाया गया था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने स्पेन की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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