तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

Erdogan की अमेरिका और इजरायल को बड़ी चेतावनी… ईरान पर हमले नहीं रुके तो दुनिया पर आएगा भारी संकट

Iran Attack Warning: तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अमेरिका और इजरायल को ईरान पर हमलों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

प्रिया सिंह

Middle East Conflict Security Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे ईरान पर अपने हमले तुरंत रोक दें। अंकारा में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस स्थिति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि अगर यह युद्ध नहीं थमा, तो इसका असर पूरी दुनिया की शांति पर बहुत बुरा पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन

राष्ट्रपति एर्दोगन ने अंकारा में अपनी पार्टी के मुख्यालय में कहा कि ईरान पर किए गए ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी संप्रभु देश की सीमाओं का इस तरह अपमान करना कूटनीतिक रूप से बिल्कुल गलत है। तुर्की इस समय शांति के पक्ष में मजबूती से खड़ा है और चाहता है कि क्षेत्र में खून-खराबे का यह दौर अब समाप्त हो।

वैश्विक सुरक्षा पर मंडराता गंभीर खतरा

इफ्तार के इस खास कार्यक्रम में एर्दोगन ने चेतावनी दी कि अगर सही समय पर जरूरी हस्तक्षेप नहीं किया गया तो परिणाम बहुत भयानक होंगे। उन्होंने कहा कि इन हमलों से पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों को भविष्य में संभालना किसी भी देश के लिए आसान नहीं रह जाएगा। क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अब वैश्विक शांति भी एक बहुत ही नाजुक मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है जिससे सभी को बचना होगा।

तुर्की की कूटनीतिक कोशिशें और शांति

एर्दोगन ने स्पष्ट किया कि तुर्की अपने देश और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी और कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। वह लगातार कूटनीतिक माध्यमों से शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि निर्दोष लोगों का कीमती खून सड़कों पर न बहे। जब तक क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक तुर्की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बातचीत जारी रखने का पूरा इरादा रखता है।

मुस्लिम देशों से एकजुटता की अपील

उन्होंने शनिवार को हुए हमलों पर गहरा दुख जताते हुए पूरी इस्लामी दुनिया से भी तुरंत सक्रिय होकर कदम उठाने की पुरजोर अपील की है। रेचेप तैय्यप एर्दोगन का मानना है कि इजरायली प्रधानमंत्री की उकसावे वाली कार्रवाइयों ने ही इस पूरे शांत क्षेत्र को युद्ध की आग के घेरे में धकेल दिया है। अब वह समय आ गया है कि सभी पक्ष समझदारी दिखाएं और कूटनीति को एक मौका देकर इस विनाशकारी युद्ध को तुरंत रोकें।

संघर्ष का गहराता हुआ काला साया

इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं जो स्थिति को और बिगाड़ रही हैं। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ओमान की मध्यस्थता में शांति वार्ता काफी संवेदनशील दौर में चल रही थी। तुर्की का मानना है कि आपसी संवाद और शांति ही एकमात्र रास्ता है जिससे इस महाविनाशकारी वैश्विक स्थिति से दुनिया को बचाया जा सकता है।

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