डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

चीन बना रहा बेवकूफ... दावोस में ट्रंप ने रूस- यूरोप पर साधा निशाना, ग्रीनलैंड पर भी दिया चौंकाने वाला बयान

Donald Trump WEF: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ट्रंप ने चीन और यूरोप की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने यूरोप को 'गलत दिशा' में बढ़ने की चेतावनी दी और ग्रीनलैंड को लेकर अपनी विवादित नीति का बचाव किया।

अमन उपाध्याय

Trump on China and Europe: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने चीन और यूरोप पर तीखे वार किए और साथ ही अमेरिका की आर्थिक उपलब्धियों को गिनाते हुए उसका रिपोर्ट कार्ड दुनिया के सामने रखा।

चीन-यूरोप की दिशा पर उठाए सवाल

ट्रंप ने चीन को एक 'बहुत चालाक देश' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन बड़ी चालाकी से अपना सामान यूरोप के बाजारों में बेच रहा है। वहीं, यूरोप की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि यूरोप के कुछ हिस्से अब पहचाने जाने लायक भी नहीं बचे हैं और वे बहुत ही नकारात्मक अर्थ में बदल रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह यूरोप को तरक्की करते देखना चाहते हैं लेकिन वर्तमान नीतियां बाधा बन रही हैं। उन्होंने रूस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पुतिन ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं।

ग्रीनलैंड और डेनमार्क पर बड़ा बयान

दुनिया भर में अपनी ग्रीनलैंड नीति के विरोध के बावजूद ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड के लोगों के लिए उनके मन में बहुत इज्जत है। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि वे डेनमार्क को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नाटो और यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

अमेरिका का 'आर्थिक चमत्कार' और महंगाई

ट्रंप ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उन्होंने डेड इकोनॉमी से अमेरिका को बाहर निकाला है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में महंगाई कम हुई है और देश तेजी से विकास कर रहा है। ट्रंप ने अमेरिका को दुनिया का 'आर्थिक इंजन' बताया और कहा कि जब अमेरिका में उछाल आता है तो पूरी दुनिया उसका अनुसरण करती है।

चीन का कड़ा रुख: 'बोर्ड ऑफ पीस' को ठुकराया

इसी दौरान एक बड़ी कूटनीतिक खबर यह भी आई कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने से इनकार कर दिया है। चीन ने गाजा मुद्दे पर अमेरिका को झटका देते हुए इस पहल से दूरी बना ली है।

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