अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

होर्मुज का नाम बदलेंगे ट्रंप... बोले-चुनाव से पहले हमला करेगा तेहरान, अमेरिका को कमजोर समझ रहा है ईरान

Strait of Hormuz Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के बड़े हमले की आशंका जताई। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने पर भी चर्चा की।

अक्षय साहू

Highlights:

  • ट्रंप ने 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के संभावित हमले की आशंका जताई।

  • ट्रंप ने दावा किया कि फरवरी के आखिर से अब तक 159 ईरानी जहाज डुबोए जा चुके हैं।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने का सुझाव दिया।

  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास युद्ध को तेजी से समाप्त करने की क्षमता है।

Trump Renaming Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान 3 नवंबर को होने वाले मध्यवर्ती चुनाव से पहले बड़े हमले को अंजाम दे सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का मानना ​​है कि ईरान इस गलतफहमी में काम कर रहा है कि ऐसे कदमों से अमेरिका को नुकसान होगा। ट्रंप ने यह बयान शनिवार को टेनेसी में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दिया में दिया।

टेनेसी को रिपब्लिकन पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन में चल रहे युद्ध को तेजी से सुलझाने की क्षमता है। वे शायद यह सोचकर चुनाव से पहले कोई बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं कि इससे हमें नुकसान होगा। लेकिन हम इस युद्ध को जल्द ही खत्म कर देंगे। इस दौरान ट्र्ंप ने संकेत दिए कि अमेरिकी प्रशासन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट कर सकता है। 

ईरान के 159 ईरानी जहाज डूबाने का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नौसेना की कमजोरी के बावजूद अपने प्रशासनिक के संयम की ओर इशारा करते हुए कहा, वे नहीं जानते कि मैं उनके साथ कितना अच्छा रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि फरवरी के आखिर से 159 ईरानी जहाज डूब चुके हैं, जिससे चल रहे युद्ध की शुरुआत हुई है।

होर्मुज का नाम बदलने की चर्चा

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के जारी तनाव और अमेरिकी हमलों को लेकर कहा कि हम इसका नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट करने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने पहले इशारा किया था कि ईरान से जुड़ा सैन्य तनाव 3 नवंबर के चुनाव के ठीक बाद खत्म हो सकता है।

राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे ट्रंप

इस युद्ध का पश्चिम एशिया पर बहुत अधिक असर पड़ा है, कांग्रेस के चुनावों का एक बड़ा फोकस बन गया है। जबकि ट्रंप मध्यवर्ती चुनाव में अपनी खुद की राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में अपनी बहुमत बनाए रखने की कोशिश कर रहे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को सपोर्ट करने के लिए एक्टिवली कैंपेन चलाया है।

सात महीने से जारी है जंग 

इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को तब शुरू हुई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला था। इस हमलें में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद हुए हमलों ने तेहरान से जवाबी क्षेत्रीय मिसाइल और ड्रोन हमलों को उकसाया, जिससे होर्मुज स्ट्रेट असल में बंद हो गया।

सात महीने से अधिक समय से जारी रहे इस युद्ध ने दुनिया भर में एनर्जी की लागत बढ़ा दी है क्योंकि जरूरी जलमार्ग से वाणिज्यिक तेल की आवाजाही रुक गई है। जून में, अमेरिका और ईरान ने दुश्मनी रोकने और बातचीत के लिए जमीन तैयार करने के मकसद से एक फ्रेमवर्क समझौते पर साइन किए थे। हालांकि यह लंबे समय तक नहीं चल सका। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव जारी है।

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