Trump Biden clash: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को निशाने पर लिया है। लेकिन इस बार उनका अंदाज़ पहले से बिल्कुल अलग है। व्हाइट हाउस के वेस्ट विंग के बाहर बने वॉकवे पर सभी पूर्व राष्ट्रपतियों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें लगी हुई हैं।
रोनाल्ड रीगन से लेकर बराक ओबामा तक रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के नेताओं के पोर्ट्रेट यहां मौजूद हैं। मगर जब नजर जो बाइडेन के पोर्ट्रेट पर पड़ती है तो हैरानी होती है क्योंकि वहां बाइडेन की असली तस्वीर की जगह ऑटोपेन की फोटो टंगी हुई है।
ऑटोपेन एक ऐसा स्वचालित उपकरण है, जो किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर को खुद-ब-खुद दोहरा सकता है। इसमें एक रोबोटिक आर्म या डिजिटल पेन होता है, जो पहले से सेव किए गए हस्ताक्षर के पैटर्न को हूबहू कागज पर उतार देता है। बाइडेन को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि उनकी शारीरिक कमजोरी छिपाने के लिए ऑटोपेन का इस्तेमाल किया गया। ट्रंप का कहना है कि कई अहम फैसले ऐसे समय में लिए गए, जब खुद बाइडेन ने हस्ताक्षर नहीं किए बल्कि ऑटोपेन से उनकी जगह दस्तावेजों पर साइन करवाए गए।
बाइडेन के कार्यकाल के आख़िरी महीनों में उन्होंने 4,000 से अधिक लोगों को माफी या सजा में राहत देने के आदेश जारी किए, जिन पर हस्ताक्षर करने के लिए ऑटोपेन का इस्तेमाल किया गया। संख्या इतनी बड़ी थी कि हर दस्तावेज पर व्यक्तिगत रूप से साइन करना संभव नहीं था।
जनवरी 2025 में ट्रंप ने इस पर हमला करते हुए कहा कि बाइडेन द्वारा दिए गए ये माफीनामे किसी मायने के नहीं हैं, क्योंकि उन पर असली हस्ताक्षर नहीं बल्कि मशीन (ऑटोपेन) के जरिए किए गए साइन थे। ट्रंप ने इसे बाइडेन की मानसिक अक्षमता छुपाने की एक साजिश तक करार दिया।
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वहीं, जुलाई 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बाइडेन ने स्पष्ट किया कि सभी फैसले उन्होंने खुद लिए थे, सिर्फ हस्ताक्षर की प्रक्रिया के लिए ऑटोपेन का सहारा लिया गया। कानूनी जानकारों के मुताबिक़, अमेरिकी कानून में ऑटोपेन से किए गए हस्ताक्षर वाले माफीनामे या कार्यकारी आदेश पूरी तरह मान्य हैं। यहां तक कि ट्रंप के कार्यकाल में भी इसका इस्तेमाल किया गया था।