डेल्सी रोड्रिग्ज शपथ लेते हुए (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

डेल्सी रोड्रिग्ज ने ली वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ, मादुरो की हिरासत को बताया 'अपहरण'

Delcy Rodriguez Sworn: डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को 'अपहरण' बताया और पूर्व नेता के नाम पर देश की रक्षा करने का संकल्प लिया।

प्रिया सिंह

Delcy Rodriguez Takes Oath Venezuela: वेनेजुएला में जारी भीषण राजनीतिक संकट के बीच एक नया और नाटकीय मोड़ आया है, जहां उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आधिकारिक तौर पर अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पैदा हुए सत्ता के शून्य को भरने के लिए नेशनल असेंबली में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया।

रोड्रिग्ज ने इस दौरान न केवल सत्ता की कमान संभाली, बल्कि अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए मादुरो की गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'अपहरण' करार दिया। इस शपथ ग्रहण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मादुरो समर्थक गुट अभी भी पीछे हटने को तैयार नहीं है और वे वाशिंगटन के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेंगे।

शावेज की कसम और भावुक शपथ

नेशनल असेंबली में आयोजित समारोह के दौरान डेल्सी रोड्रिग्ज काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने पूर्व क्रांतिकारी नेता ह्यूगो शावेज के नाम पर पद की शपथ ली। अपना दाहिना हाथ ऊपर उठाकर उन्होंने 'कमांडर शावेज' के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया और मादुरो को देश का असली नायक बताया। उनके भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया, जो सत्ता पर उनके परिवार की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद रोड्रिग्ज ने अपने संबोधन में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को 'नाजायज आक्रमण' बताते हुए पूरी दुनिया को आगाह किया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला किया है और वे किसी भी हाल में अमेरिकी साम्राज्यवाद के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। इस दौरान मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो ग्वेरा भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस घटनाक्रम को वैश्विक राजनीतिक स्थिरता के लिए एक सीधा और बड़ा खतरा बताया।

शावेज की विरासत और बोलिवेरियन क्रांति

डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपनी शपथ में जिस ह्यूगो शावेज का जिक्र किया, वे वेनेजुएला में 'बोलिवेरियन क्रांति' के जनक माने जाते हैं जिन्होंने दशकों तक अमेरिकी प्रभाव का विरोध किया। उनकी समाजवादी नीतियों और साम्राज्यवाद-विरोधी रुख ने ही वर्तमान सत्ता की नींव रखी थी जिसे रोड्रिग्ज अब आगे बढ़ाने का दावा कर रही हैं। मौजूदा सरकार इस शपथ ग्रहण के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि मादुरो की अनुपस्थिति में भी देश की शासन व्यवस्था स्वतंत्र है।

तनावपूर्ण स्थिति और भविष्य की राह

वर्तमान में वेनेजुएला दो गुटों में बंटा हुआ नजर आ रहा है, जहां एक तरफ अमेरिका समर्थित धड़ा इसे तानाशाही की समाप्ति मान रहा है। दूसरी ओर, रोड्रिग्ज के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इसे अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए एक महान संघर्ष के रूप में पेश कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस नई सरकार को मान्यता देता है या नहीं, क्योंकि राजधानी कराकस में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।

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